पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण की दोबारा आपात स्थिति बनने पर निजी पेट्रोल-डीजल वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने या सम-विषम व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की है।
ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल ने बुधवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को लिखे पत्र में यह सिफारिश करते हुए जल्द निर्णय लेकर जवाब देने को कहा। भूरेलाल ने पत्र में कहा कि आर्थिक नुकसान और श्रमिक वर्ग की आजीविका के संकट को देखते हुए हम सभी तरह के प्रतिबंधों को 12-13 दिन से ज्यादा नहीं खींच सकते।
इसी तरह ट्रकों पर रोक भी अधिकतम 4 दिन तक लग सकती है। दुनिया के अन्य देशों की तरह निजी वाहनों पर रोक के आपात उपाय को भी हमें शामिल करना होगा। उन्होंने ये भी कहा कि वे जानते हैं एक उपयुक्त सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के अभाव में निजी वाहनों को बंद करने पर आम जनता को परेशानी होगी, लेकिन कोई विकल्प नहीं है। बता दें कि इससे पहले वर्ष 2016 में भी दो मौकों पर जनवरी और अप्रैल में प्रदूषण घटाने के लिए सम-विषम व्यवस्था राजधानी में लागू की जा चुकी है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या सम-विषम परिवहन व्यवस्था लागू करने से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रित हो जाएगा?'
पोल के जवाब में हमें कुल 2,594 वोट मिले। इनमें 43.41 फीसदी (1,126 वोट) पाठकों ने माना कि सम-विषम परिवहन व्यवस्था लागू करने से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रित हो जाएगा, जबकि 56.59 फीसदी (1,468 वोट) पाठकों ने माना कि सम-विषम परिवहन व्यवस्था लागू करने से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रित नहीं होगा।