फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी और अखिलेश की मुलाकात से पहले चढ़ा सियासी पारा

Thu, 05 May 2016 10:06 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
अखिलेश-मोदी की मुलाकात से पहले चढ़ा सियासी पारा
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्रस्तावित मुलाकात से पहले सूखे के मुद्दे पर सियासी पारा चढ़ गया है। पीओम और सीएम के बीच शुक्रवार को मुलाकात में बुंदेलखंड समेत पूरे उत्तर प्रदेश में सूखे की स्थिति और पानी संकट पर विचार विमर्श होना है। इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रेलवे के पानी टैंकरों के स्वीकार करने से इनकार ने अगमा विधानसभा चुनाव के लिए मुद्दा तय कर दिया है। चुनाव के मद्देनजर सपा और भाजपा में सूखे से निपटने के उपायों को लेकर श्रेय लेने की होड़ शुरू हो गई है। परस्पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
विज्ञापन

 
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा का कहना है कि बुंदेलखंड में सपा सरकार सूखे से राहत देने के बजाए अपने प्रचार पर ज्यादा खर्च कर रही है। पीड़ित भूख से तड़प रहे हैं। संकट बड़ा है इसलिए राजनीति छोड़कर इश समस्या से निपटने के लिए मिलजुलकर काम करने की जरुरत है ताकि इस संकट से बाहर निकला जा सके। रेलवे ने पंयजल संकट को समाप्त करने के लिए टैंकर भेजा जिसे सपा सरकार लौटा रही है। इस मुद्दे पर सियासत से ज्यादा जरूरी मानवीय पक्ष है। पीड़ितों को मदद की जरुरत है। केंद्र सरकार ने सहायता दी है और हर संभव मदद के लिए तैयार है।

दूसरी ओर सपा सांसद नरेश अग्रवाल का कहना है कि केंद्र सरकार पानी पर सियासत कर रही है। बुंदेलखंड में राज्य सरकार ने पानी की भरपूर इंतजान किया है। हर गांव में टैंकर पहुंचा दिया गया है। वह पेयजल की किल्लत नहीं है। केंद्र अगर सचमुच में मदद करना चाहती है तो हर इलाके में एक हजार हैंड पंप लगवा दे। बुंदेलखंड इलाके के लिए लंबित डैम योजनाओं को मंजूरी दे और पानी के स्थाई समाधान की दिशा में प्रयास करे। लेकिन भाजपा चुनाव के मद्देनजर मदद का ढ़ोग करना चाहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सपा के मंत्री ने केन्द्र को घेरा

पीएम मोदी - फोटो : pti
सपा के मंत्री और प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने भी रेलवे द्वारा पानी के टैंकर भेजे जाने के मुद्दे पर केंद्र को घेरा है। चौधरी ने कहा कि अगर केंद्र सरकार पानी के टैंकर भेजना चाहती है तो उसे रेलवे से नहीं भेजे। पानी को गांवों तक पहुंचाने के लिए सड़क मार्ग से चलने वाले 10 हजार टैंकरों की व्यवस्था केंद्र सरकार करे। केंद्र को जो करना चाहिए वह उसे करना नहीं चाहती और राजनीति कर रही है। सपा सांसद विशम्भर प्रसाद निषाद ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर चित्कूट, बांदा, महोबा और हमीरपुर में जलाशयों की हालत में सुधार और सभी जिलों में एक-एक हजार हैंड पंप की त्तकाल व्यवस्था की मांग की है।

कांग्रेस के सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि केंद्र ने वाटर एक्सप्रेस नहीं बल्कि मोदी एक्सप्रेस भेजा है। भाजपा की केंद्र सरकार की मंशा पीड़ितों को सहायता से अधिक ढ़िढ़ोरा पीटना है। जब राज्य सरकार ने पानी के टैंकर की मांग का प्रस्ताव ही नहीं भेजा तो रेलवे को टैंकर भेजने की क्या जरुरत पड़ी। बुदंलखंड में पानी की किल्लत के स्थाई समाधान के लिए केंद्र द्वारा प्रयास करने की जरुरत है। इस मामले केंद्र ने जल्दीबाजी में सियासी फायदे के लिए टैंकर भेजा जो गलत है।

पीएम और सीएम की मुलाकात से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आलोक रंजन ने गुरुवार को दिल्ली में कृषि मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर बैठक के एजेंडे पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि केंद्र से पानी नहीं बल्कि पानी पहुंचाने के लिए 10 हजार टैंकर मांगे गए हैं। बुदंलखंड में दलहन, और तेलहन के लिए 1600 करोड़ के समर्थन पैकेज की मांग की गई है। बुंदेलखंड में राज्य सरकार अनाज, दूध और सब्जी पीड़ितों को दे रही है। भूख से कोई मौत नहीं हुई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें