झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाला गरीब वर्ग केजरीवाल का सबसे मजबूत वोट बैंक माना जाता है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि मुफ्त बिजली-पानी के कारण यह वोट बैंक केजरीवाल को वोट करता है। लेकिन दिल्ली की सत्ता में पहुंचने को उत्सुक भाजपा ने इस वोट बैंक को अपने पाले में करने के लिए इन्हें पक्का मकान देने का बड़ा वादा कर दिया जो इन वर्गों के लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। माना यह भी जा रहा है कि भाजपा के वादे का बड़ा असर हो सकता है और इस वर्ग का एक वोट बैंक खिसककर भाजपा के पाले में जा सकता है।
लेकिन अपने इस वोट बैंक को साधे रखने के लिए केजरीवाल ने भी बड़ा दांव खेल दिया है। अब उन्होंने भी गरीबों को पक्का मकान देने का दांव खेल दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सफाई कर्मियों के लिए मुफ्त आवास बनवाने के लिए जमीन की मांग कर डाली है। यह भाजपा के झुग्गी-झोपड़ी वालों को पक्का मकान देने के वादे के जवाब में चला गया दांव माना जा रहा है।
लेकिन केजरीवाल के इस दांव के चलते ही दिल्ली की सियासत गरमा गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने केजरीवाल पर यह कहते हुए हमला कर दिया है कि केजरीवाल की राजनीति के कारण दिल्ली में तैयार पक्के फ्लैट गरीबों को नहीं दिए जा सके। दिल्ली में करीब 50 हजार ऐसे फ्लैट बताए जा रहे हैं जिनका निर्माण दिल्ली के गरीबों को देने के लिए किया गया था, लेकिन आरोप है कि केजरीवाल ने राजनीतिक कारणों से इन्हें गरीबों को नहीं दिया।
भाजपा ने बोला हमला
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा अपनी टीम के साथ सोमवार को उन स्थानों पर पहुंचे जहां गरीबों के लिए आवास बनवाए गए थे, लेकिन उन्हें गरीबों को नहीं दिया गया। वीरेंद्र सचदेवा ने लोगों को उन फ्लैट को दिखाते हुए कहा कि ये फ्लैट गरीबों को देने के लिए ही बनाए गए थे, लेकिन केजरीवाल ने उन्हें लोगों को लेने नहीं दिया। अब ये फ्लैट खंडहर बन चुके हैं। इनके आसपास झाड़ियां उग आई हैं और अब बिना मरम्मत ये रहने लायक नहीं रह गए हैं। लेकिन इन फ्लैटों को गरीबों को न देने वाले केजरीवाल अब फ्लैटों के लिए जमीन मांगकर गरीबों का मजाक उड़ा रहे हैं और वे लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल की लापरवाही के कारण ये 50,000 फ्लैट्स खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। यह गरीबों का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि इनकी मरम्मत के लिए 250 करोड़ रुपये इनके विभाग के द्वारा नहीं दिए गए जिसके कारण ये फ्लैट खंडहर बन गए।
कांग्रेस ने लगाया आरोप
सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस की पूर्ववर्ती केंद्र सरकार ने जवाहर लाल शहरी नवीनीकरण मिशन के अंतर्गत दिल्ली सरकार के साथ एक अनुबंध करके 14 अलग-अलग स्थानों पर 52,344 फ्लैट गरीबों के लिए बनाने का अनुबंध किया था। इस योजना की अनुमानित लागत 2,415.82 करोड़ निर्धारित की गई थी। इसको बनाने का दायित्व डीएसआईआईडीसी और डीयूएसआईबी को दिया गया था।
राजीव शुक्ला ने कहा कि 52,344 में से 35,744 फ्लैट का निर्माण पूरा हो गया था, लेकिन इनमें से सिर्फ 4,833 फ्लैट गरीबों को दिए गए। 30,303 घर, जो अलॉटमेंट के लिए तैयार थे, उसे भाजपा और केजरीवाल की लड़ाई के कारण आज तक किसी को नहीं दिया जा सका। बाकी के 16,600 घर, जो निर्माणाधीन थे, वो भी अब खस्ताहाल में पहुँच गए हैं। यह तथ्य 19 अक्टूबर, 2023 को दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश में प्रकाश में भी लाया गया था।
शुक्ला ने आरोप लगाया कि, जब दोनों पक्षों के द्वारा किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका, तब 18 सितंबर, 2023 को दिल्ली हाईकोर्ट ने एक हाई पॉवर कमेटी बनाई और यह निर्देश दिए कि ये फ्लैट्स जल्द से जल्द गरीबों को दिए जाएं। लेकिन तमाम गतिरोधों के कारण इसे आज तक गरीबों को नहीं दिया जा सका। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
आप ने किया पलटवार
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजीव कौशिक ने अमर उजाला से कहा कि अरविंद केजरीवाल की पूरी राजनीति गरीबों के लिए काम करने के इर्द-गिर्द चलती रही है। आज भी उनकी प्राथमिकता में सबसे पहले वही गरीब वर्ग आता है जो झोपड़ियों में रहता है, ऑटो रिक्शा चलाता है, घरों में कामकाज करता है और फैक्ट्री में मजदूरी करता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में जमीन की सुविधा न होने के बाद भी दिल्ली सरकार ने गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से पहल किया था लेकिन भारतीय जनता पार्टी की राजनीति के कारण इसी पूरा नहीं किया जा सका।
संजीव कौशिक ने कहा कि इस मामले में यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद भी भारतीय जनता पार्टी की हठधर्मिता नहीं बदली और गरीबों को आवास नहीं दिया जा सका। उन्होंने कहा कि आज भी भाजपा दिल्ली सरकार के साथ सहयोग करने को तैयार नहीं है क्योंकि उसे लगता है कि यदि ये आवास गरीबों को दे दिए गए तो इससे केजरीवाल को राजनीतिक लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी भाजपा को खुली चुनौती है- भाजपा इस चुनौती को स्वीकार करे और 24 घंटे के अंदर इन तैयार फ्लैट्स को दिल्ली के सभी गरीबों को आवंटित करें।