प्याज की कीमतों पर नियंत्रण के लिए निर्यात पर 40 प्रतिशत शुल्क लगाने से महाराष्ट्र का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। किसानों में सरकार के प्रति बढ़ी नाराजगी को देखते हुए कृषि मंत्री धनंजय मुंडे मंगलवार को सुबह केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मिलने दिल्ली पहुंच गए। वहीं, जापान के दौरे पर गए उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने फोन से ही समस्या का समाधान कर दिया।
देवेन्द्र फडणवीस ने ट्वीट किया कि महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक किसानों की अड़चन दूर करने के लिए उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से फोन पर बात की। केंद्र सरकार ने तत्काल दो लाख टन प्याज खरीदने का निर्णय लिया है। महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक किसानों के हित के लिए नासिक और अहमदनगर में विशेष खरीदी केंद्र खोला जाएगा और किसानों से 2410 रुपए प्रति कुंतल प्याज खरीदी जाएगी। इससे प्याज उत्पादकों को लाभ होगा। धनंजय मुंडे दिल्ली से कोई संदेश दे पाते उससे पहले फडणवीस ने अमित शाह और पीयूष गोयल से बातकर नहले पर दहला मार दिया। इससे एक बार फिर साबित हो गया है कि मुख्यमंत्री भले ही एकनाथ शिंदे हैं लेकिन सरकार में देवेन्द्र फडणवीस अब भी सब पर भारी हैं।
प्याज निर्यात में महाराष्ट्र की है 50 फीसदी हिस्सेदारी
दरअसल, प्याज निर्यात पर शुल्क बढ़ाने से महाराष्ट्र के प्याज उत्पाद किसान और व्यापारी आक्रामक हो गए हैं। इस बार कुल प्याज निर्यात में 50 फीसदी हिस्सेदारी महाराष्ट्र की है जिसका सीधा नुकसान प्याज उत्पादक किसानों और व्यापारियों को उठाना पड़ेगा। इसलिए राज्य में केंद्र सरकार के फैसले का तीखा विरोध शुरू हो गया। इस बीच शिंदे सरकार के मंत्री दादा भुसे ने कहा कि अगर, दो-चार महीने प्याज नहीं खाएंगे तो क्या बिगड़ जाएगा। दादा भुसे के इस बयान ने आग में घी का काम किया। इसके बाद मुंडे को दिल्ली दौड़ना पड़ा और फडणवीस को जापान से फोन पर मामले का हल निकालना पड़ा।
जेएनपीटी बंदरगाह पर फंसे प्याज लदे 130 कंटेनर
प्याज पर निर्यात शुल्क बढ़ाने के केंद्र सरकार के अचानक फैसले से प्याज निर्यातकों को बड़ा झटका लगा है। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) बंदरगाह पर करीब 130 कंटेनर फंस गए हैं। प्रत्येक कंटेनर में लगभग 30 टन प्याज लदा है जिसे मलेशिया, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, केन्या और वियतनाम आदि देशों के सुपरमार्केट में भेजा जाना था। निर्यात शुल्क बढ़ाने से प्याज की कीमत 40 फीसदी बढ़ गई है जिससे विदेशी व्यापारियों ने बढ़ी दर पर प्याज खरीदने से इनकार कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि यदि प्याज का निर्यात नहीं हुआ तो करीब 4000 करोड़ का प्याज सड़ जाएगा।
प्याज भंडारण के लिए बनेगा “कांदा महाबैंक”- शिंदे
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किसानों से दो लाख टन प्याज खरीदी करने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है। वहीं, मंगलवार को उन्होंने प्याज भंडारण के लिए कांदा महाबैंक बनाने की घोषणा की जहां 10 लाख टन का भंडारण हो सकेगा। शिंदे ने कहा कि अनिल काकोडकर समिति की सिफारिश के तहत काम शुरू है। इससे 60 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिल सकेगा। इसके अलावा राज्य में 13 स्थानों पर कृषि समृद्धि प्रकल्प स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों को हरसंभव मदद के लिए हमेशा तैयार है।