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सियासत: कोविन पोर्टल पर गरमा रही राजनीति, अपना अलग ऐप बनाना चाहती हैं राज्य सरकारें

Tue, 11 May 2021 12:16 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 टीकाकरण के लिए केंद्र सरकार ने कोविन पोर्टल लॉन्च किया था, लेकिन अब यह पोर्टल सियासत के दायरे में आ गया है। राहुल गांधी ने इस पर सवाल उठाया, जिसके बाद कांग्रेस शासित राज्यों की सरकारें अपना अलग ऐप लॉन्च करने की तैयारी में जुट गई हैं। 
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कोविन पोर्टल - फोटो : Social Media
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विस्तार
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कोरोना टीकाकरण के लिए केंद्र सरकार ने कोविन पोर्टल लॉन्च किया था, लेकिन अब यह पोर्टल सियासत के दायरे में आ गया है। दरअसल, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस पर सवाल उठाया, जिसके बाद कांग्रेस शासित राज्यों की सरकारें अपना अलग ऐप लॉन्च करने की तैयारी में जुट गई हैं। इस कड़ी में छत्तीसगढ़ सबसे आगे है। 
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छत्तीसगढ़ कर रहा यह तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस शासित राज्य कोरोना वैक्सीन के लिए केंद्र की प्रचार रणनीति से असहज महसूस कर रहे हैं। इसके अलावा वैक्सीन के प्रमाणपत्र पर पीएम मोदी की तस्वीर को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान सीएम ममता बनर्जी ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की थी। हालांकि, राज्य इस मामले में सीधे तौर पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन सबके बीच छत्तीसगढ़ अपना नया राज्य स्तरीय पोर्टल लॉन्च करने की तैयारी में है। छत्तीसगढ़ सरकार का मानना है कि वह अपना अलग से पंजीकरण करेगा। इसमें फ्रंटलाइन वर्कर को अलग चिह्नित किया जाएगा।

महाराष्ट्र के सीएम भी उठा चुके सवाल
गौरतलब है कि राज्यस्तरीय ऐप्लिकेशन को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने इस मसले पर पीएम मोदी को चिट्ठी भी लिखी थी। उद्धव का कहना था कि 18 से 45 वर्ष के लोगों के पंजीकरण से कोविन पोर्टल क्रैश भी हो सकता है। ऐसे में उन्होंने राज्यस्तरीय ऐप या पोर्टल बनाने का सुझाव दिया था। 
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राज्य दे रहे इस तरह के तर्क 

बता दें कि राज्यों का कहना है कि 18 से 45 वर्ष की उम्र के लोगों के टीकाकरण पर पैसा उन्हें खर्च करना पड़ रहा है। ऐसे में पंजीकरण के लिए उनका पोर्टल या ऐप अलग होना चाहिए। छत्तीसगढ़ का मानना है कि 45 वर्ष से ऊपर का पंजीकरण कोविन के जरिए कराने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जब इससे कम उम्र के लोगों का खर्च राज्य वहन कर रहा है तो उस पर केंद्र का ऐप थोपा नहीं जा सकता। फिलहाल, इस मामले में केंद्र ने कुछ भी नहीं कहा है। हालांकि, केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि कोविन पोर्टल बहुत अच्छी तरह से डिजाइन किया गया है। इसमें सुरक्षा को लेकर भी बेहतर व्यवस्था है।
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