बता दें कि राज्यों का कहना है कि 18 से 45 वर्ष की उम्र के लोगों के टीकाकरण पर पैसा उन्हें खर्च करना पड़ रहा है। ऐसे में पंजीकरण के लिए उनका पोर्टल या ऐप अलग होना चाहिए। छत्तीसगढ़ का मानना है कि 45 वर्ष से ऊपर का पंजीकरण कोविन के जरिए कराने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जब इससे कम उम्र के लोगों का खर्च राज्य वहन कर रहा है तो उस पर केंद्र का ऐप थोपा नहीं जा सकता। फिलहाल, इस मामले में केंद्र ने कुछ भी नहीं कहा है। हालांकि, केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि कोविन पोर्टल बहुत अच्छी तरह से डिजाइन किया गया है। इसमें सुरक्षा को लेकर भी बेहतर व्यवस्था है।