उडुपी से कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रमोद माधवराज ने शनिवार को राष्ट्रीय पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। माधवराज ने कर्नाटक में सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली पिछली सरकार में मत्स्य मंत्री के रूप में कार्य किया था। वह कांग्रेस सरकार के तहत उडुपी के जिला प्रभारी मंत्री भी थे।
कांग्रेस से इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की उपस्थिति में प्रमोद माधवराज पार्टी के अन्य नेताओं के साथ भाजपा में शामिल हुए।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया ने शनिवार को भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने जानना चाहा कि क्या भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवारों को पैसे के बदले कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की पेशकश की है? उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी के एक विधायक के उन आरोपों की जांच की भी मांग की है, जिसने कथित तौर पर कहा था कि सत्ता के दलालों ने उनसे राज्य के मुख्यमंत्री पद के लिए 2,500 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इस बीच उडुपी से कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रमोद माधवराज ने शनिवार को भातपा का दामन थाम लिया है।
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यह मांग ऐसे समय में आई है जब राज्य की बसवराज बोम्मई-नीत सरकार भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रही है। सिद्धरमैया ने इसे एक गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि उचित जांच से ही सच्चाई का पता चल पाएगा। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल द्वारा किए गए दावों के मद्देनजर पूछा कि क्या मुख्यमंत्री का पद बिकाऊ सीट है?
यतनाल ने कहा था कि दिल्ली के कुछ लोगों ने उनसे 2500 करोड़ रुपये के बदले राज्य के मुख्यमंत्री पद की पेशकश की थी। हालांकि, यतनाल ने किसी का नाम नहीं लिया था, लेकिन केवल इतना कहा था कि बहुत सारी धोखेबाज कंपनियां हैं। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि अगर जांच नहीं की जाती है, तो इसका मतलब यह होगा कि बसवराज बोम्मई ने भी मुख्यमंत्री बनने के लिए करोड़ों रुपये के भुगतान की बात स्वीकार कर ली है।
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सिद्धरमैया ने कहा कि यतनाल के बयान से पता चलता है कि उनके पास भाजपा की अनियमितताओं के बारे में बहुत सारी जानकारियां हैं और सच्चाई का पता लगाने के लिए उनसे पूछताछ की जानी चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि लोगों की यह धारणा थी कि विधायक दल भाजपा में मुख्यमंत्री का चयन करता है। अब यतनाल ने खुलासा किया है कि नीलामी के जरिये मुख्यमंत्री की कुर्सी खरीदी जाती है। भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्रियों द्वारा खर्च की गई कुल राशि की भी पड़ताल की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि मंत्री पद सहित अन्य सभी पदों के लिए भी दरें निर्धारित हैं।
पूर्व मंत्री का कांग्रेस से इस्तीफा
उडुपी से कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रमोद माधवराज ने शनिवार को राष्ट्रीय पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। माधवराज ने कर्नाटक में सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली पिछली सरकार में मत्स्य मंत्री के रूप में कार्य किया। वह कांग्रेस सरकार के तहत उडुपी के जिला प्रभारी मंत्री भी थे। उन्होंने शनिवार को अपना इस्तीफा केपीसीसी अध्यक्ष डीके शिवकुमार को सौंपा। इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की उपस्थिति में प्रमोद माधवराज पार्टी के अन्य नेताओं के साथ भाजपा में शामिल हो गए।