केंद्र द्वारा कर वितरण को लेकर कर्नाटक में सियासत तेज हो गई है। राज्य के डीप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बाद सीएम सिद्धारमैया ने केंद्र की भाजपा सरकार और राज्य के भाजपा सांसदों की आलोचना की है। सीएम ने कहा कि कर्नाटक बीजेपी सांसदों ने राज्य के लोगों को धोखा दिया है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कर वितरण में राज्य के साथ अन्याय के खिलाफ आवाज नहीं उठाने के लिए रविवार को कर्नाटक के भाजपा सांसदों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कर वितरण में राज्य को 6,498 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि उत्तर प्रदेश को 31,987 करोड़ रुपये मिले हैं। यह दोनों राज्यों के बीच कर हस्तांतरण में एक बड़े अंतर को दिखाता है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से राज्य के साथ हो रहे 'अन्याय' के खिलाफ खड़े होने की अपील की।
सिद्धारमैया ने केंद्र से सवाल करते हुए कहा कि अपने खराब शासन के लिए बदनाम उत्तर प्रदेश को 31,962 करोड़ रुपये, बिहार को 17,921 करोड़ रुपये; मध्य प्रदेश को 13,987 करोड़ रुपये और राजस्थान को 10,737 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, क्यों? क्या कर्नाटक के पसीने और परिश्रम से उन राज्यों के विकास को गति मिलनी चाहिए जो कुप्रशासन के कारण पिछड़ गए हैं?
सिद्धारमैया ने कहा कि लोगों को कर्नाटक के साथ अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है। केंद्र का समर्थन करने वाले भाजपा नेता राज्य के लोगों को धोखा दे रहे हैं। इनमें चाहें प्रल्हाद जोशी हों या कोई और। उन्होंने आगे कहा कि कर्नाटक से लोकसभा में इतने सारे सांसद गए हैं। उन्हें अपनी आवाज उठाने की जरूरत है, जो उन्होंने नहीं किया।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए सीएम ने दावा किया कि राज्य को पांच साल में कर हस्तांतरण में 60,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे पर अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ चर्चा करेंगे।
अल्पसंख्यक समुदाय के दंगाइयों को क्षमादान देने के कैबिनेट के फैसले पर बोले सिद्धारमैया
आगे उन्होंने हुबली में अल्पसंख्यक समुदाय के दंगाइयों को क्षमादान देने के कैबिनेट के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी। सिद्धारमैया ने कहा कि जब भाजपा सत्ता में थी तो कई आरएसएस नेताओं को भी रिहा किया गया था।
दरअसल, कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने गुरुवार को उस भीड़ के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला वापस लेने का फैसला किया, जिसने 16 अप्रैल, 2022 को हुबली शहर में पुलिसकर्मियों पर पत्थरों से हमला किया था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह उन 43 मामलों में से एक है, जिन्हें अंजुमन-ए-इस्लाम द्वारा गृह मंत्री जी परमेश्वर को दी गई याचिका के बाद राज्य मंत्रिमंडल ने गुरुवार को अपनी बैठक में वापस लेने का फैसला किया।
भाजपा नेताओं को लिया गया हिरासत में
वहीं, सीएम सिद्धारमैया को ज्ञापन देने के लिए हुबली में इकट्ठा हुए बीजेपी नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। ये भाजपा नेता पुलिस पर हमला करने वाले हुबली दंगाइयों के खिलाफ मामले वापस लेने के कैबिनेट के फैसले के खिलाफ ज्ञापन देने के लिए एकत्र हुए थे।
डीके शिवकुमार ने भी उठाए थे सवाल
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने शनिवार को धनराशि आवंटन मामले में केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कर हस्तांतरण में कर्नाटक को कम धनराशि आवंटित करके अन्याय किया है। हम इसके खिलाफ लड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर चुप रहने के लिए राज्य के भाजपा सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों पर हमला किया और इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि कर्नाटक के साथ अन्याय हुआ है, केंद्र ने उत्तर प्रदेश और बिहार की सरकारों को अधिक दिया है। हमें आंध्र प्रदेश से भी कम दिया गया, जो कर में ज्यादा योगदान नहीं करता है। हम आने वाले दिनों में इसके खिलाफ लड़ेंगे और विरोध करेंगे।