पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी
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महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने भाजपा पर हमला बोला है। धर्म और राजनीति पर जारी बयानबाजी के बीच ताजा घटनाक्रम में उद्धव ठाकरे ने बिना किसी नेता और दल का नाम लिए कहा, जिन लोगों को बालासाहेब ठाकरे ने बचाया वही लोग अब शिवसेना को खत्म करने पर आमादा हैं। उद्धव ने कहा कि शिवसेना को नष्ट करने की ताक में लगे लोग हिंदुओं के बीच खाई पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा कि ऐसे नेताओं से सतर्क रहना बहुत जरूरी है।
हिंदुओं के बीच भेदभाव के आरोप
बकौल उद्धव ठाकरे, शिवसेना का नारा है- 'गर्व से कहो हम हिंदू हैं, लेकिन 'नालायक' लोग हिंदुओं के बीच भेदभाव कर रहे हैं।' इससे पहले भी उद्धव भाजपा पर हमलावर रहे हैं। धार्मिक मामलों की बात करें तो पूर्व सीएम उद्धव ने हाल ही में अयोध्या जाने के सवाल पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि वे 22 जनवरी को होने वाली प्राण प्रतिष्ठा में अयोध्या न जाकर महाराष्ट्र के नासिक जिले में कालाराम मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। साथ ही गोदावरी नदी के तट पर आरती भी की जाएगी। बकौल उद्धव, उन्हें मंदिर के उद्घाटन के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है। अयोध्या में राम मंदिर के नाम पर भाजपा राजनीति कर रही है।
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन क्या बोले?
उद्धव ठाकरे के अलावा कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने भी भाजपा की नीतियों पर हमला बोला। पश्चिम बंगाल के बरहामपुर से निर्वाचित कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आड़े हाथों लिया। अधीर रंजन ने सवाल किया कि क्या पीएम मोदी खुद भगवान राम बनना चाहते हैं? उन्होंने कहा कि रामराज्य के मायने सबके लिए इंसाफ होता है। रामराज्य में किसी के साथ भेदभाव नहीं होता। सभी नागरिकों के अधिकार बराबर होते हैं। आम जनता भी रामराज्य को इसी तरह समझती है।
भाजपा के रामराज्य पर कांग्रेस सांसद का सवाल
बकौल अधीर रंजन चौधरी, भाजपा रामराज्य के नाम पर राजनीति कर रही है। उन्होंने पूछा कि अगर 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शरीक न होने को लेकर कांग्रेस को हिंदू विरोधी बताया जा रहा है तो शंकराचार्यों पर भाजपा क्या कहेगी? इससे पहले उन्होंने पीएम मोदी को लेकर सवाल खड़े किए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अधीर रंजन ने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री खुद को एकमात्र हिंदू समझते हैं? उन्होंने इससे पहले भाजपा और पीएम मोदी पर चुनावी लाभ के लिए राम मंदिर के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के आरोप लगाए थे।