Karnataka political crisis
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कर्नाटक की कांग्रेस-जदएस गठबंधन सरकार से बगावत कर चुके विधायक मंगलवार शाम वापस मुंबई लौट आए। पहले ऐसी खबरें थीं कि विधायकों को गोवा ले जाया गया है। हालांकि एक कांग्रेस विधायक बीसी पाटिल ने दावा किया है कि वह मुंबई छोड़कर कहीं गए ही नही थे।
इस बीच, बागी विधायक इस्तीफा वापस लेने के मूड में नहीं है। कांग्रेस विधायक एसटी सोमशेखर ने कहा कि इस्तीफा वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता। हमने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है और हम किसी पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं हैं। इस बीच, कर्नाटक कांग्रेस के नेता डीके शिवकुमार बागी विधायकों से बात करने बुधवार को मुंबई पहुंचेंगे।
कांग्रेस विधायक दल की मंगलवार को हुई बैठक में 11 इस्तीफा देने वाले विधायकों समेत 20 विधायक शामिल नहीं हुए। हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि सात विधायकों ने स्वास्थ्य व अन्य कारणों से बैठक में शामिल नहीं होने को लेकर मंजूरी ली थी, लेकिन राज्य के सियासी हालातों को देखते हुए विधायकों का नदारद रहना सवाल खड़े करता है।
बैठक के बाद कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने कहा कि बागी विधायकों पर दलबदल कानून लागू होता है और मुझे उम्मीद है कि लोकतंत्र को बचाने के लिए उन्हें अयोग्य घोषित किया जाएगा। हालांकि स्पीकर ने कांग्रेस नेताओं को उनके समक्ष 11 जुलाई तक सुबूत पेश करने को कहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भाजपा पर सरकार गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह समेत राष्ट्रीय स्तर के नेता भी इसमें शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि जब से कर्नाटक में कांग्रेस-जदएस की सरकार बनी है, भाजपा लगातार उसे गिराने की कोशिश कर रही है।