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राहुल गांधी पीएम मोदी के पीछे और मोदी हाथ धोकर राहुल के पीछे... जनता सब देखे चुपचाप

Tue, 21 Jul 2020 11:17 PM IST
गौरव पाण्डेय शशिधर पाठक, नई दिल्ली

सार

  • शाहीनबाग से चीन तक की उपलब्धियों पर ध्यान दें राहुल : जावड़ेकर
  • कोरोना काल में राहुल गांधी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
  • आप (जावड़ेकर) इतना प्रदूषण पॉलिटिक्स में क्यों लाते हैं : सिब्बल
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राहुल गांधी-नरेंद्र मोदी - फोटो : फाइल
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विस्तार
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इस समय देश तीन बड़ी लड़ाइयां लड़ रहा है। पहली लड़ाई कोविड-19 से चल रही है। अब संक्रमण महानगर से छोटे राज्यों के छोटे जिले, नगर और गांव की तरफ बढ़ रहा है। दूसरी लड़ाई भारतीय सेना क्षेत्र में घुस आए पड़ोसी देश चीन की जनमुक्ति सेना (पीएलए) से लड़ रही है। तीसरी लड़ाई राजनीतिक है। इसमें कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी चाहे कोविड-19 से निपटने का मामला हो या चीनी घुसपैठ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए उनकी नीतियों के पीछे पड़ गए हैं। दिलचस्प है कि प्रधानमंत्री राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देने से बचते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री की टीम राहुल गांधी को घेरने में जुट जाती है।

हमारे प्रधानमंत्री लोकप्रिय नेता : भाजपा

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर हों या भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का लोकप्रिय नेता मानते हैं। प्रकाश जावड़ेकर ने आज (मंगलवार को) राहुल गांधी को उन्हीं के स्टायल में घेरा। जावड़ेकर ने राहुल गांधी की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्हें दिल्ली में शाहीनबाग के प्रदर्शन का समर्थन देने से लेकर चीन का साथ देने से जोड़ा। 

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जावड़ेकर ने कहा कि राहुल गांधी ने शाहीनबाग में प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने दिल्ली में दंगे को लेकर राहुल की भूमिका पर भी सवाल उठाया। मार्च में ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्यप्रदेश की सत्ता गंवाई, अप्रैल में अप्रवासी मजदूरों को उकसाया, मई में कांग्रेस की एतिहासिक हार की छठवीं वर्षगांठ रही तो जून में चीन का बचाव किया। जुलाई में राजस्थान की सरकार पतन के कगार पर है।

...लेकिन मोदी सरकार हर मोर्चे पर फेल

कांग्रेस पार्टी की महिला विंग की अध्यक्ष सुष्मिता देव का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार किस मोर्चे पर सफल है, आप ही बताइए? इन्होंने विदेश से आए कोविड-19 को अपनी गलत नीतियों से गांव-गांव तक पहुंचा दिया। चीन की सेना की घुसपैठ पर ही बताइए कि राहुल गांधी ने वास्तविकता बताकर क्या गलती की? यह तो विपक्ष का काम है। 

दरअसल आज सुबह राहुल गांधी ने ट्वीट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला। गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार फरवरी में नमस्ते ट्रंप, मार्च में मध्यप्रदेश में सरकार गिराने, अप्रैल में मोमबत्ती जलाने, मई में सरकार की छठवीं साल गिरह मनाने, जून में वर्चुअल रैली करने, जुलाई में राजस्थान की सरकार गिराने की कोशिश में व्यस्त है। उन्होंने आखिरी लाइन में भरपूर तंज कसते हुए कहा कि इसलिए देश कोरोना की लड़ाई में आत्मनिर्भर है।

न जाने कहां से राजनीतिक प्रदूषण लाते हैं पर्यावरण मंत्री : सिब्बल

राहुल गांधी के ट्वीट और इस पर प्रकाश जावड़ेकर के हमले के बाद भाजपा के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें इस विषय में कुछ नहीं बोलना है। वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राहुल गांधी की अपरिपक्वता बता दी है। सूत्र का कहना है कि राहुल गांधी को अपनी उपलब्धियां भी देख लेनी चाहिए। लेकिन इस पर पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने जोरदार प्रतिक्रिया दी। 

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सिब्बल ने कहा कि प्रकाश जावड़ेकर के पास पर्यावरण मंत्रालय का भी प्रभार है। पर्यावरण मंत्री न जाने कहां से इतना राजनीतिक प्रदूषण लाते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण मंत्री के हर बयान में देश के सामने आए गंभीर संकटों का सामना करने की बजाए ऐसी कठोर बातें होती हैं, जो आलोचना की तरफ ले जाती हैं। सिब्बल ने जावड़ेकर द्वारा गिनाए छह स्टेप पर उन्हें क्रमवार आड़े हाथों लिया। प्रधानमंत्री द्वारा चीन की घुसपैठ पर दिए गए बयान पर तंज कसा।

जनता सब देख रही है

कांग्रेस पार्टी के एक पूर्व महासचिव ने कहा कि साल 2020 कई गंभीर चुनौतियों से शुरू हुआ है। यह हर महीने बढ़ रही है। इनमें देश की केंद्र सरकार के पास उपलब्धि बताने के लिए कुछ नहीं है। इसलिए वह सत्ता और सरकार में रहकर विपक्ष का काम कर रही है। जबकि विपक्ष के नेता राहुल गांधी सरकार की नीतिगत कमजोरी, उसकी सफलता को गिनाकर अपनी सही भूमिका निभा रहे हैं। सूत्र का कहना है कि आप कभी भाजपा के नेताओं, मंत्रियों के मुंह से सकारात्मक बात नहीं सुन सकते। क्योंकि भाजपा का आधार प्रोपेगंडा, झूठ और जिम्मेदारी दूसरे पर थोपना है। निभाना नहीं। जनता चुपचाप सब देख रही है।

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