वैश्विक महामारी कोरोना वायरस मुंबई में बुजुर्गों के लिए काल बन गई है। मुंबई में कोरोना से हुई कुल मौतों में एक चौथाई से ज्यादा संख्या बुजुर्गों की है। कोरोना से यहां अब तक कुल 5817 मौतों में से 1708 मौत 60 से 70 वर्ष उम्र के बीच के लोगों की हुई है। जो कि कुल मौत का 29.37 फीसदी है।
मुंबई में वरिष्ठ नागरिकों के बाद कोरोना से सर्वाधिक मौत 50 से 60 वर्ष उम्र के लोगों की हुई है। मुंबई में अब तक इस उम्र के 1554 लोगों की जान जा चुकी है। जो कि कुल मौत का 26.72 फीसदी है। यहां 10 वर्ष से नीचे के 10 नाबालिग और 100 से 110 वर्ष उम्र के एक व्यक्ति की मौत कोरोना की वजह से हो चुकी है।
डॉक्टरों कहना है कि बुजुर्गों की अधिकतर मौतों का सबसे बड़ा कारण उनकी इम्यूनिटी पावर कम होना और कई तरह के रोगों से ग्रसित होना है। इसमें ज्यादातर को डायबिटीज (मधुमेह), ब्लड प्रेशर (रक्तचाप), हृदय रोग, सांस लेने में दिक्कत (दमा) और अन्य बीमारियां थीं।
महिलाओं की तुलना में पुरुषों की मृत्युदर अधिक
मुंबई में कोरोना वायरस से हुई मृत्यु में महिलाओं की तुलना में पुरुषों की संख्या ज्यादा है। साथ ही, कोरोना वायरस से संक्रमित होने के मामले में भी पुरुष, महिलाओं से काफी आगे हैं। मुंबई में 60 से 70 वर्ष के कोरोना से संक्रमित मरीजों में 62 फीसदी पुरुष और 38 फीसदी महिलाएं हैं।
50 से 60 वर्ष के उम्र में संक्रमित होनेवालों में 65 फीसदी पुरुष और 35 फीसदी महिलाएं हैं। 40 वर्ष से 50 वर्ष के बीच के संक्रमित हुए लोगों में 67 फीसदी पुरुष और 33 फीसदी महिलाएं शामिल हैं। 30 से 40 वर्ष की उम्र में जो लोग संक्रमित हुए हैं उसमें 65 फीसदी पुरुष और 35 फीसदी महिलाएं शामिल हैं।
कोरोना वायरस से मुंबई में आयु आधारित मौतें
| आयु वर्ग |
मौतों की संख्या |
| 10 से 20 साल |
21 |
| 20 से 30 साल |
90 |
| 30 से 40 साल |
257 |
| 40 से 50 साल |
694 |
| 50 से 60 साल |
1554 |
| 60 से 70 साल |
1708 |
| 70 से 80 साल |
1037 |
| 80 से 90 साल |
434 |
| 90 से 100 साल |
42 |