पश्चिम बंगाल के रानीगंज में रामनवमी के अवसर पर हिंसा भड़की तो वहीं बिहार में हालात तनावपूर्ण हैं। बंगाल में रानीगंज और आसनसोल के अलावा बिहार के भागलपुर, औरंगाबाद, समस्तीपुर और मुंगेर में भी हिंसा की खबरें सामने आ रही है। इस घटनाओं पर सियासी संग्राम और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने बंगाल में भड़की हिंसा के लिए राज्य की ममता सरकार को जिम्मेदार बताया। सांसद सुप्रियो ने पश्चिम बंगाल की सरकार को जिहादी सरकार का नाम दिया है।
आसनसोल से सांसद सुप्रियो ने पश्चिम बंगाल पुलिस को सवालों के घेरे में लेते हुए कहा पुलिस के कार्रवाई नहीं करने की वजह से हिंसा ने इतना बड़ा रूप लिया। राज्य सरकार ने तुष्टीकरण के लिए कोई एक्शन नहीं लिया और राज्य को दंगे की आग में झुलसने दिया।
उन्होंने कहा कि इस हिंसा को टाला जा सकता था लेकिन पुलिस अपने राजनीतिक आकाओं के मुताबिक काम कर रही थी। इलाके के गुंडो को पूरी छूट दी गई थी। ट्वीट करते हुए सुप्रियो ने कहा कि जिहादी सरकार को बता देंगे कि बंगाल की आत्मा अभी जिंदा है। उन्होंने लिखा कि सोशल मीडिया पर सैकड़ों तस्वीरें वायरल हो रही है अगर इनमें से 25 फीसदी भी सही हैं तो पता चल जाएगा कि हालात कितने खराब हैं। वहीं तनावपूर्ण हालातों को देखते हुए आसनसोल में धारा 144 लगा दी गई है। इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स और पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है।
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में रामनवमी के बाद 2 दिनों के घटना क्रम की रिपोर्ट ममता बनर्जी सरकार से मांगी है। साथ ही तनावपूर्ण माहौल में पैरामिलिट्री फोर्स भेजने का प्रस्ताव भी भेजा है।
इसके अलावा बिहार में भड़की हिंसा के बाद प्रशासन के हाथ-पांव भी फूले हुए हैं। औरंगाबाद के डीजी, गुप्तेश्वर पांडे ने दंगों को देखते हुए लोगों से अपील की है कि वह अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ जाएगी। 125 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और गिरफ्तारी का सिलसिला जारी है।
वहीं ममता बनर्जी की अगुवाई में टीएमसी, हिंसा के लिए बीजेपी पर आरोप लगा रही है। बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राम के नाम पर होने वाली गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।