कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री शिवकुमार से संबधित ठिकानों पर छापेमारी कर आयकर विभाग ने करोड़ों की संपत्ति और कैश को कब्जे में लिया है। वहीं शिवकुमार के भाई डीके सुरेश का कहना है कि हमारे 70 ठिकानों पर छापेमारी में मिली संपत्ति और कैश शिवकुमार और उनके परिवार का नहीं है।
इस पूरी कार्रवाई को डीके सुरेश ने राजनीति साजिश करार देते हुए कहा कि 'हमें सीनियर लीडर्स का इस मुद्दे पर पूरा साथ मिल रहा है और उन्होंने हमें भरोसा दिलाया कि वह हमारे साथ हैं और यह गहरी राजनीतिक साजिश है।'
बता दें कि दिल्ली के सफदरजंग इलाके में शिवकुमार से जुड़ी संपत्तियों पर आयकर विभाग की छापेमारी आज भी जारी है।
बता दें कि बुधवार को शिवकुमार के 39 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी जिसमें 10 करोड़ कैश बरामद किया गया था। शिवकुमार गुजरात के 44 विधायकों की बेंगलूर में अपने रिसॉर्ट में मेहमाननवाजी कर रहे हैं।
आईटी विभाग की लगातार जारी छापेमारी के बीच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस पूरे मामले में जांच शुरू कर सकता है। ईडी जांच की स्थिति में डी के शिवकुमार की मुश्किलें बढ़ सकती है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, ईडी के सूत्रों ने बताया कि 'छापेमारी के दौरान मिले सबूतों को सही पाया गया तो शुक्रवार को शिवकुमार के घर जाकर ईडी पूछताछ कर सकती है। वहीं शिवकुमार के खिलाफ रमनगर के गुरुप्रसाद ने शिकायत दर्ज की है जिसमें उनके खिलाफ कई आरोप लगाए गए हैं। जिनमें मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप भी लगाया है।
गुरुप्रसाद ने दर्ज शिकायत में कहा कि शिवकुमार ने अपने विधानसभा क्षेत्र कड़कपुराम में नोटबंदी के दौरान करोड़ों की संपत्ति की हेराफेरी की। यही नहीं मंत्री ने 20,000 करोड़ के सोलर पॉवर प्रोजेक्ट की आड़ में 6,000 हजार करोड़ की घपलेबाजी की है।