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पंजाब कांग्रेस में सियासी हलचल: राजा वड़िंग का नवजोत कौर के आरोपों पर पलटवार, कहा- वो पहले ही निकाली जा चुकी

Sun, 01 Feb 2026 04:53 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

Raja Warring Statement: नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस छोड़ने की घोषणा करते हुए पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पार्टी में काबिल नेताओं की आवाज नहीं सुनी जाती। राजा वड़िंग ने पलटवार करते हुए कहा कि सिद्धू पहले ही पार्टी से निकाली जा चुकी हैं और उनके आरोपों का कोई आधार नहीं है।
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पंजाब में सियासी हलचल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ गया है। पूर्व विधायक और नेता नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस छोड़ने की घोषणा करते हुए पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कड़ा पलटवार किया। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

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नवजोत कौर सिद्धू ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी है और पार्टी में काबिल नेताओं की आवाज नहीं सुनी जाती। उन्होंने राजा वड़िंग पर भ्रष्टाचार, अयोग्यता और पार्टी को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए। सिद्धू ने दावा किया कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जो नेतृत्व को बेनकाब कर सकते हैं, लेकिन वह ऐसा करने में रुचि नहीं रखतीं।

राजा वड़िंग का तीखा जवाब
राजा वड़िंग ने सिद्धू के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि नवजोत कौर सिद्धू पहले ही पार्टी से निकाली जा चुकी हैं, इसलिए उनके इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने यह भी कहा कि वह उनका सम्मान करते हैं, लेकिन उन्हें इलाज की जरूरत है और उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं लगती।
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नवजोत ने राजा वड़िंग पर क्या आरोप लगाए?

  • सबसे अयोग्य और भ्रष्ट अध्यक्ष बताया।
  • आरोप लगाया कि नेतृत्व ने निजी लाभ के लिए संगठन को कमजोर किया।
  • गलत लोगों को बड़े पद दिए गए।
  • चुनावी सीट कमजोर करने के लिए मेरे खिलाफ काम किया गया।




अन्य नेताओं का भी जिक्र
अपने बयान में सिद्धू ने कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का नाम लेते हुए पूछा कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई, जबकि वे खुलकर नेतृत्व को चुनौती देते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर गुटबाजी बढ़ रही है और ईमानदार कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है।
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इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब कांग्रेस के अंदरूनी संकट को फिर उजागर कर दिया है। एक तरफ सिद्धू ने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है, तो दूसरी ओर प्रदेश अध्यक्ष ने उनके दावों को खारिज कर दिया है। चुनावी माहौल से पहले बढ़ा यह विवाद संगठन के लिए नई चुनौती माना जा रहा है।

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