विपक्ष ने लगाया दोहरे रवैये का आरोप
इससे पहले महाराष्ट्र कांग्रेस ने शुक्रवार को भारत-पाकिस्तान मैच को पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों और कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए सैनिकों का अपमान बताया। शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (सपा) ने कहा कि मैच की अनुमति देने से सरकार का दोहरा चरित्र उजागर हो गया है। आलोचना का जवाब देते हुए महाराष्ट्र के मंत्री और क्रिकेट प्रशासक आशीष शेलार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को द्विपक्षीय राजनीतिक गतिरोध से प्रभावित नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा उद्धव गुट के नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत में कई आतंकी हमले करवाए हैं। देश के प्रसारकों को भारत-पाकिस्तान मैच का बहिष्कार करना चाहिए। उन्होंने पूछा, 'बीसीसीआई राष्ट्र-विरोधी होता जा रहा है। बीसीसीआई पाकिस्तान के साथ खेलने को लेकर इतना उत्साहित क्यों है? क्या यह पैसों, टीवी राजस्व, विज्ञापन राजस्व के लालच में है या खिलाड़ियों की फीस के लिए? जब पाकिस्तान सिर्फ भारत में होने के कारण एशिया कप का बहिष्कार कर सकता है, तो बीसीसीआई ऐसा क्यों नहीं कर सकता?
भाजपा का पलटवार
एशिया क्रिकेट काउंसिल बोर्ड में बीसीसीआई के प्रतिनिधि और भाजपा मंत्री शेलार ने एक अन्य कार्यक्रम में बोलते हुए शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत पर इस मुद्दे पर भारत विरोधी रुख अपनाने का आरोप लगाया। शेलार ने कहा, 'हमारा रुख हमेशा से स्पष्ट रहा है कि भारतीय क्रिकेट टीम पाकिस्तान का दौरा नहीं करेगी और पाकिस्तान भी पाकिस्तान का दौरा नहीं करेगा। हालांकि, हम अपनी टीम को किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलने या भाग लेने से नहीं रोक सकते। यह कैसा रुख है? यह उचित रुख नहीं है।'
उन्होंने कहा, 'जो लोग अब भारत की भागीदारी का विरोध कर रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि दिवंगत शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे ने पूर्व पाकिस्तानी बल्लेबाज जावेद मियांदाद की अपने घर पर मेजबानी की थी।' राउत ने गुरुवार को कहा था कि शिवसेना (यूबीटी) 14 सितंबर को 'सिंदूर रक्षा' अभियान चलाएगी, ताकि एशिया कप टूर्नामेंट के तहत अबू धाबी में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच के विरोध में प्रदर्शन किया जा सके।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, 'जब एसीसी या आईसीसी की ओर से बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित किए जाते हैं, तो देशों के लिए इसमें भाग लेना एक मजबूरी और अनिवार्यता बन जाती है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो वे टूर्नामेंट से बाहर हो जाएंगे, उन्हें मैच छोड़ना होगा और दूसरी टीम को अंक मिलेंगे, लेकिन भारत पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय टूर्नामेंट नहीं खेलता है। हमने वर्षों से यह निर्णय लिया है कि जब तक पाकिस्तान भारत पर आतंकवादी हमले बंद नहीं कर देता, तब तक भारत पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय टूर्नामेंट नहीं खेलेगा।'
मैच से पहले क्या बोले आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल?
आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने शुक्रवार को कहा था कि भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ खेल संबंधों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। धूमल ने बताया कि सरकार ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय टीम को एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के टूर्नामेंट्स में पाकिस्तान के खिलाफ खेल सकती है। हालांकि, धूमल ने कहा कि बीसीसीआई भारत सरकार के निर्देशों का सख्ती से पालन कर रहा है, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स के अलावा कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलेगी।
सरकार की नई खेल नीति
पहलगाम हमले के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के साथ खेल संबंधों को लेकर पहली बार एक स्पष्ट नीति बनाई है। धूमल ने बताया, 'इस नीति के मुताबिक, भारत अब किसी भी खेल में पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय मुकाबले नहीं खेलेगा, चाहे वह मुकाबला तटस्थ स्थल पर ही क्यों न हो। हालांकि, अगर वह टूर्नामेंट बहु-राष्ट्रीय है जैसे एसीसी या आईसीसी आयोजनों में होता है, तो भारतीय टीम को उसमें हिस्सा लेना होगा और पाकिस्तान के खिलाफ भी खेलना होगा।'