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'ऐसी क्या मजबूरी है': केजरीवाल ने केंद्र को घेरा, कहा-रूस और ईरान से सस्ता तेल क्यों नहीं खरीद रहे पीएम मोदी?

Mon, 25 May 2026 09:51 AM IST
राकेश कुमार एएनआई, नई दिल्ली।

सार

सरकारी तेल कंपनियों को रिकॉर्ड मुनाफा होने के बाद भी देश में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। विपक्ष ने इसे जनता पर अत्याचार बताया है, जबकि इस बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के बढ़ते दामों को वजह बताया जा रहा है। किसने क्या-क्या कहा? खबर में जानिए...
 
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केजरीवाल ने मोदी सरकार को घेरा - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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ईंधन के बढ़ते दामों पर आम आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए पीएम मोदी पर सवाल दागा है। उन्होंने कहा कि ऐसी क्या मजबूरी है कि तेल के दाम फिर बढ़ गए हैं। हम फिर भी रूस और ईरान से सस्ता तेल नहीं खरीद रहे हैं।
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केजरीवाल ने कहा कि आज फिर उन्होंने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए। पिछले कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम साढ़े सात से आठ रुपए तक बढ़ गए हैं। रूस और ईरान हमें सस्ता और पर्याप्त मात्रा में तेल बेचने को तैयार हैं। लेकिन हम उनसे क्यों नहीं खरीद रहे हैं? मैंने आपसे दो तीन दिन पहले पूछा था कि क्या हमारे देश को रूस और ईरान से तेल खरीदना चाहिए? तब 97 प्रतिशत लोगों ने कहा कि हां हमें खरीदना चाहिए।

मनीष तिवारी ने उठाए सवाल
बता दें कि सरकारी तेल कंपनियां भारी मुनाफा कमा रही हैं। इसके बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इस पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से पूछा कि जब कंपनियां इतना बड़ा मुनाफा कमा रही हैं, तो आम जनता पर यह बोझ क्यों डाला जा रहा है?
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मनीष तिवारी ने आंकड़ों के साथ सोशल मीडिया पर लिखा कि तीन सरकारी तेल कंपनियों ने साल 2025-26 में कुल 77,280.65 करोड़ रुपये का भारी मुनाफा कमाया। यह पिछले साल से 130 प्रतिशत ज्यादा है। इसी साल जनवरी से मार्च 2026 के बीच, जब इस्राइल-अमेरिका और ईरान के तनाव के कारण दुनिया में संकट था, तब भी इन कंपनियों ने 19,470 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। यह पिछले साल से 40 प्रतिशत ज्यादा है। तिवारी ने पूछा कि जब कंपनियां इतने फायदे में हैं, तो हर दिन चुपके-चुपके दाम क्यों बढ़ाए जा रहे हैं?

विपक्ष का सरकार पर सीधा हमला
कांग्रेस के एक और सांसद मणिकम टैगोर ने भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कंपनियों के घाटे की बात बिल्कुल झूठी है। साल 2024 में जब कंपनियों ने 81,000 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा कमाया, तब भी जनता 100 रुपये से महंगा पेट्रोल खरीद रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि फायदा कंपनियों को मिल रहा है और नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है।

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बड़े शहरों में तेल के नए दाम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया के तनाव के कारण पिछले दो हफ्तों में चौथी बार दाम बढ़े हैं। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गया है। दिल्ली में सीएनजी भी एक रुपये प्रति किलो महंगी हो गई है। बाकी शहरों में तेल के दाम इस प्रकार हैं:

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.51 और डीजल ₹99.82

मुंबई: पेट्रोल ₹111.21 और डीजल ₹97.83

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.12 और डीजल ₹86.09

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 और डीजल ₹97.78

तेल महंगा होने से सामान लाने-ले जाने का खर्च बढ़ेगा। इससे आने वाले दिनों में महंगाई और ज्यादा बढ़ सकती है।
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