चुनावों में काले धन का उपयोग नही हो और चंदे में पारदर्शिता आए, इसके लिए सरकार की तरफ से मंगलवार को इलेक्टोरल बांड की रूपरेखा को जारी कर अधिसूचित कर दिया गया। ये बांड
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की चुनिंदा शाखाओं से ली जा सकेंगी और इनका उपयोग विभिन्न राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए किया जाएगा। इसे कोई भी भारतीय या भारत की संस्था खरीद कर किसी भी राजनीतिक दल को दान कर सकेंगे।
केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इलेक्टोरल बांड के बारे में लोकसभा में एक बयान दिया। इसके बाद संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि इन बांडों पर चंदा देने वाले का नाम नहीं होगा और इन्हें 1,000 रुपए, 10,000 रुपए, एक लाख रुपए, दस लाख रुपए और एक करोड़ रुपए के मूल्य में खरीदा जा सकेगा। हालांकि, इसका नाम बांड है, लेकिन इन बांडों पर कोई ब्याज देय नहीं होगा।
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