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पारदर्शिता का दावा करने वाले राजनीतिक दलों ने अपनी वेबसाइट पर छिपा लिया चंदा...

Wed, 27 Mar 2019 01:11 AM IST
Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
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राजनीतिक दल (लोगो)
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सार्वजनिक मंचों से हर राजनीतिक पार्टी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने का दावा करती है। चंदे के लेन-देन पर ये पार्टियां एक-दूसरे पर सवाल भी उठाती रही हैं। खुद की गतिविधियों को पारदर्शी बताने वाले ये राजनीतिक दल अपनी वेबसाइट पर चंदे की जानकारी तक नहीं दे रहे हैं। कई पार्टियां तो ऐसी हैं, जिन्होंने वेबसाइट से 'डोनेशन' शब्द ही हटा दिया है तो दूसरे दल, जो चंदा लेते हैं, वे यह जानकारी नहीं देते कि किसने कितना चंदा दिया है। किसी पार्टी ने चंदे के लिए पैन कार्ड होना जरुरी बताया है तो कोई दल बिना पैन कार्ड के ही चंदा ले रहा है।

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सबसे पहले बात करते हैं भाजपा की अधिकारिक वेबसाइट की। अभी हाल में इस वेबसाइट का नया स्वरुप देखने को मिला है। इस माह के शुरू में भाजपा की वेबसाइट हैक कर ली गई थी। उसके बाद जब यह वेबसाइट दोबारा शुरु हुई तो यहां से सभी तरह की जानकारी गायब हो चुकी थी। अब इस वेबसाइट पर केवल लोकसभा प्रत्याशियों की सूचियां ही नजर आती हैं। इसके अलावा पार्टी से संबंधित किसी भी तरह की सूचना देने वाला अन्य कोई कॉलम नहीं है। पुरानी वेबसाइट में चंदा देने वालों के लिए एक अलग कॉलम दिखता था। उसमें स्थायी मेंबरशिप, कोई विशेष पदाधिकारी और दूसरे पांच-छह तरीके से चंदा लेने के नियम बनाए गए थे। बाकायदा चंदा कितना हो सकता है, यह जानकारी भी संख्या में अंकित रहती थी। खास बात है, पार्टी को कौन कितना चंदा दे रहा है, वेबसाइट से यह जानकारी नहीं मिलती थी।

कांग्रेस पार्टी की वेबसाइट पर सब कुछ है, मगर किसने कितना दिया, यह जानकारी नहीं है...

कांग्रेस पार्टी की वेबसाइट पर चंदा लेने की विस्तृत जानकारी दी गई है। पार्टी ने सबसे पहले पैनकार्ड की अनिवार्यता बताई है। इसके बाद 250 रुपये से लेकर 500, 1000, 2500, 10000, 25000 और 50000 संख्या भी लिखी है। कोई भी दानदाता इतना चंदा ऑनलाइन और चैक के द्वारा दे सकता है। दानदाता को वेरीफाई करने के लिए उसके मोबाइल फोन पर वन टाइम पासवर्ड भी जाता है। हालांकि कांग्रेस पार्टी ने भी अपनी वेबसाइट चंदा लेने के लिए तमाम नियमों की जानकारी तो दी है, लेकिन किसने कितना चंदा दिया है, ऐसी कोई सूचना वेबसाइट पर नहीं मिलेगी। एनसीपी की वेबसाइट पर भी दानदाताओं की जानकारी नहीं है। यहां पर केवल यह सूचना मिलती है कि चंदा देने वाले के पास पैनकार्ड होना जरूरी है।
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ममता बैनर्जी की पार्टी 'टीएमसी' की वेबसाइट पर क्या लिखा है, जानिए...

तृणमूल कांग्रेस की वेबसाइट पर चंदा देने वालों के बारे में लिखा गया है कि वे किस तरह से चंदा दे सकते हैं। वहां यह भी लिखा है कि नियमानुसार, कॉरपोरेट सेक्टर से चंदा नहीं लिया जा सकता। कंपनी एक्ट-2013 के तहत कॉरपोरेट जगत के चंदे पर कई तरह के प्रतिबंद हैं। वेबसाइट पर यह भी लिखा है कि दानदाता नियमों को ध्यान में रखकर ही चंदा दे। जनता दल यूनाईटेड और जनता दल सेक्यूलर, इन दोनों पार्टियों की वेबसाइट भी चंदे को लेकर चुप्पी साध ली गई है। दोनों पार्टियों ने चंदे बाबत कोई सूचना नहीं दी है। न चंदा लेने की और न ही अभी तक कितना चंदा मिला है, ऐसी कोई जानकारी दिखाई पड़ती है।

सपा-बसपा की वेबसाइट पर डोनेशन का कॉलम ही नहीं है...

समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की वेबसाइट पर तो डोनेशन का कॉलम ही नहीं है। चंदा कैसे लेना है, कौन कितना चंदा दे सकता है, यह जानकारी गायब है। खास बात, दोनों पार्टियों की वेबसाइट पर यह भी नहीं बताया गया है कि किसने उन्हें कितना चंदा दिया है। पार्टी के पास अभी कितना फंड है, ये सब सूचनाएं छिपा ली गई हैं। आरजेडी की वेबसाइट पर चंदे का कॉलम ही नहीं है। लोक-जन शक्ति पार्टी की वेबसाइट पर चंदा मांगा गया है, मगर चंदा कौन दे रहा है, कैसे दे रहा है, अभी तक कुल कितना चंदा मिला है, ये तमाम जानकारियां गायब हैं।

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