राजस्थान में विधानसभा चुनाव अब ज्यादा दूर नहीं है इस बात का अंदाजा सोशल मीडिया पर हो रहीं गतिविधियों से भी लगाया जा सकता है। प्रदेश की दोनों ही प्रमुख राजनीतिक पार्टियां कांग्रेस और भाजपा ने अपने चुनाव प्रचार का काम शुरू कर दिया है और इसका सबसे पहला असर सोशल मीडिया पर दिखाई दे रहा है।
ट्विटर से लेकर फेसबुक और इंस्टाग्राम तक सभी नेता इस समय अपने व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट पर पूरी तरह सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। जहां एक ओर फेसबुक पर कई प्रकार के राजनीतिक पेज बनाकर प्रचार किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर ट्विटर सवाल-जवाब की रणभूमि की तरह इस्तेमाल में लाया जा रहा है।
हर नेता विपक्षी दलों की कमी और अपनी उपलब्धियों का बखान करने में लगा है। सभी राजनीतिक दल सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से ज्यादा से ज्यादा संवाद करने की कोशिश में लगे हुए हैं।
प्रदेश के बड़े नेता जैसे मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट आदि प्रमुख रूप से सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं।
विपक्षी दलों में प्रमुख मुद्दों पर बहस और सवाल-जवाब की स्थिति बनी रहती है। कुछ बड़े मुद्दे ऐसे हैं जिन पर दोनों पार्टियां जमकर अपनी राय रख रही हैं, इनमें राफेल डील और पेट्रोल-डीजल का मुद्दा अहम है।
जहां कांग्रेस पेट्रोल और डीजल के दामों को लेकर सक्रिय नजर आ रही है और इसका जमकर विरोध कर रही है, वहीं वसुंधरा सरकार ने 4 प्रतिशत वैट में कमी किये जाने को लेकर अपने फैसले को सोशल मीडिया पर काफी प्रमुखता दी है।
दोनों ही राजनीतिक दलों ने चुनाव को ध्यान में रखते हुए आईटी सेल का गठन किया है और सभी राजनीतिक मुद्दों पर एक-दूसरे पर प्रहार करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहीं हैं।