कोर्ट ने बेंगलुरू में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान में गोपाल दास के मानसिक स्वास्थ्य की जांच की क्राइम ब्रांच की याचिका को खारिज कर दिया।
ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री नब किशोर दास की हत्या का आरोपी पुलिसकर्मी गोपाल दास मानसिक रूप से बीमार नहीं है। झारसुगुडा जिले की एक अदालत ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट का हवाले देते हुए मंगलवार को ये जानकारी दी गई।
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कोर्ट ने बेंगलुरू में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान में गोपाल दास के मानसिक स्वास्थ्य की जांच की क्राइम ब्रांच की याचिका को खारिज कर दिया। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालत ने साथ ही 5 फरवरी को पेश की गई मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया। मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि व्यक्ति सचेत, कॉपरेटिव और कम्युनिकेटिव है। विचारों में कोई असामान्यता नहीं है।
एएसआई गोपाल दास ने मारी थी मंत्री को गोली
29 जनवरी की शाम को झारसुगुड़ा जिले के ब्रजराजनगर में एक पुलिसकर्मी ने 60 वर्षीय दास को गोली मार दी थी। इसके कुछ घंटों बाद मंत्री की मौत हो गई थी। नब दास यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। ओडिशा पुलिस ने सहायक उप-निरीक्षक गोपाल दास को मंत्री को गोली मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जिसे बाद में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। राज्य सरकार ने मंत्री नब दास की हत्या की जांच अपराध शाखा को सौंपी थी। वहीं, विपक्षी भाजपा ने इस घटना की सीबीआई जांच की मांग की थी और दावा किया था कि ओडिशा पुलिस दिवंगत मंत्री को न्याय नहीं दिला सकती, क्योंकि एक पुलिसकर्मी इस मामले में मुख्य आरोपी है। वहीं, कांग्रेस ने अदालत की निगरानी वाले विशेष जांच दल से मामले की जांच कराने की मांग की है।