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Karnataka: थाने लाने के 6-7 मिनट बाद ही आरोपी की मौत, दो पुलिसकर्मी निलंबित, सीएम सिद्धारमैया ने लगाई फटकार

Sat, 25 May 2024 05:22 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

दावणगेरे के पुलिस अधीक्षक उमा प्रशांत ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी अस्पताल में भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक के चन्नगिरि में जुआ खेलने में शामिल एक आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। पुलिस हिरासत में आरोपी की मौत के बाद जिले में तनाव का माहौल फैल गया। पुलिस स्टेशन के बाहर भीड़ ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। आरोपी की पहचान आदिल के तौर पर की गई है, जिसे 24 मई को हिरासत में लिया गया था। उसपर जुआ खेलने में शामिल होने का आरोप था। पुलिस ने बताया कि हिरासत में लेने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई थी और शुक्रवार की रात को उसकी मौत हो गई। 
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इस घटना पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि पुलिस उपाधीक्षक और चन्नगिरि पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि यह हिरासत में हुई मौत नहीं है। जब इस घटना के बारे में मृतक के परिजनों को मालूम चला, तो वे अन्य स्थानीय लोगों के साथ मिलकर हंगामा करने लगे। इस दौरान पुलिस स्टेशन के बाहर पथराव भी किया गया। 
पुलिस स्टेशन में आरोपी की मौत 
दावणगेरे के पुलिस अधीक्षक उमा प्रशांत ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी अस्पताल में भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया जाएगा। एसपी के अनुसार, पुलिस इलाके की पेट्रोलिंग कर रही है। अतिरिक्त बलों को चन्नगिरि में तैनात कर दिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अटॉप्सी कराई जाएगी। एक अधिकारी ने दावा किया कि आरोपी को पुलिस स्टेशन में लाने के छह से सात मिनट बाद ही उसकी मौत हो गई थी। 
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इस मामले पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि आरोपी को मिर्गी के दौरे आते रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, "आरोपी को दौरे पड़ते थे। इसलिए मैंने कहा कि उसे थाने में बुलाना गलत है। पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है, क्योंकि बिना एफआईआर दर्ज किए किसी को भी पुलिस स्टेशन में नहीं लाया जा सकता। जांच के बाद आरोपी को वापस भेज देना चाहिए था।" सिद्धारमैया ने आगे कहा कि इसमें पुलिस की गलती है। उन्होंने इसे हवालत में हुई मौत नहीं बताया है। 

असम में भी घटी थी एक ऐसी घटना
बता दें कि असम के लखीमपुर में भी एक ऐसी ही घटना सामने आई थी। बुधवार को लखीमपुर में चोरी के मामले में पकड़े गए एक आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था। इस मामले में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। 
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