असम पुलिस (Assam Police) और केंद्रीय एजेंसियों (Central Agencies) की जांच में राज्य में पिछले हफ्ते गिरफ्तार किए गए 11 लोगों के तार बांग्लादेशी आतंकी संगठन (Bangladesh-based terror outfit) अंसारूल बांग्ला (Ansarul Bangla ) टीम से जुड़े होने की पुष्टि हुई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
राज्य के विशेष पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था (Special DG Law and Order) जीपी सिंह ने मोरीगांव (Morigaon) में जांच दलों के साथ बैठक करने के बाद कहा कि जांच अब तक संतोषजनक रही है और गिरफ्तार किए गए लोगों से असम पुलिस (Assam Police) और केंद्रीय एजेंसियों (Central Agencies) ने पूछताछ की है। उन्होंने कहा कि पुलिस किसी संदिग्ध गतिविधि (Suspicious Activities) का पता लगाने के लिए पूरे असम में निजी मदरसे (Private Madrasas) पर नजर रखे हुए है और इस बारे में कोई सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
सिंह ने कहा, ‘‘मैंने जांच की समीक्षा की और अब तक इसकी प्रगति संतोषजनक है, लेकिन अभी लंबा सफर तय करना है। मोरीगांव में गिरफ्तार किए गए दो लोगों और जिहादी संगठन (Jehadi outfit) के बीच वित्तीय संबंध (Financial links) के बारे में स्पष्ट साक्ष्य मिले हैं। यह भी प्रतीत होता है कि इन लोगों और त्रिपुरा एवं भोपाल में हाल में गिरफ्तार किए गए लोगों के बीच संबंध हैं। जांच करने वाली टीमें इन पहलुओं का विश्लेषण कर रही हैं।’’
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आतंकी संगठन से कथित संपर्क रखने को लेकर मोरीगांव, गोलपारा, गुवाहाटी और बरपेटा से अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और ये सभी अभी पुलिस हिरासत में हैं। सिंह ने कहा कि उनके पास से "जेहादी साहित्य और वीडियो" सहित कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
उन्होंने कहा, "जांच दल यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें ये सामग्री कैसे मिली और क्या मदरसा के छात्रों को ये सामग्री दिखाई गई।" सिंह ने कहा, "इन लोगों से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है और अगर आतंकी संगठन के साथ उनके संबंध स्थापित होते हैं, तो उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।"
मोरीगांव में मुफ्ती मुस्तफा के रूप में पहचाने जाने वाले एक व्यक्ति को सबसे पहले 26 और 27 जुलाई की रात को गिरफ्तार किया गया था। मुफ्ती मुस्तफा मोइराबारी पुलिस स्टेशन के सोरुचोला गांव में जमीउल हुडा मदरसा चलाता है। इसके बाद अगले दिन एक कंप्यूटर दुकान के मालिक अफसरुद्दीन भुयान को गिरफ्तार किया गया था। बाकी गिरफ्तारियां भी 26 और 27 जुलाई की दरम्यानी रात को की गईं।