मध्यप्रदेश में एक बार फिर एक सरकारी क्लर्क के पास करोड़ों की काली कमाई का खुलासा हुआ है। लोकायुक्त पुलिस की छापेमारी में इंदौर विकास प्राधिकरण के बाबू के पास आधा दर्जन महंगी कारें और इतने ही दुपहिया वाहनों के अलावा लाखों की ज्वैलरी और करोड़ों कीमत के मकान, दुकान और जमीनों के कागजात मिले हैं। इंदौर की लोकायुक्त टीम संपत्ति का आकलन कर रही है।
इंदौर के संतनगर में रहने वाले राजेंद्र बिरथरे इंदौर विकास प्राधिकरण में सहायक ग्रेड दो के पद पर पदस्थ हैं और अगले माह जनवरी 2017 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। लोकायुक्त पुलिस की दो टीमें शुक्रवार सुबह संतनगर के अलावा बिरथरे के अन्य ठिकाने स्कीम नंबर 114 पर छापा डालने पहुंची तो दंग रह गई। पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में इंदौर में कई मकान, प्लाट, महेश्वर में कई एकड़ कृषि भूमि, दुकानें, ज्वैलरी व नगदी का पता चला है।
मालूम हो कि मध्यप्रदेश में सरकारी बाबू के पास करोड़ों की काली कमाई का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई खुलासे हो चुके हैं। एक प्रकरण का उल्लेख तो पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के संदर्भ में दिए अपने भाषण में भी किया था।