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शराब बेचने वाले बच्चों का स्कूल में दाखिला करा पुलिस ने थमाई कलम-किताब

Sun, 24 Jul 2016 06:13 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, अलीगढ़
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;e - फोटो : Getty
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एक-दो रुपये के लालच में इन मासूमों की जिंदगी कच्ची शराब के जहर में घुल रही थी। कोई अपने माता-पिता तो कोई बच्चा बस्ती में उतारी जा रही दूसरी शराब भट्ठियों के जरिये लोगों को कच्ची शराब पहुंचाने के धंधे में लगा था। सुबह से शाम तक उनका यही धंधा बन गया था।
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गंदे बदन, मुंह पर गालियां और मारपीट यही आदत बनती जा रही थी, लेकिन पुलिस के एक कदम ने इनकी दशा और दिशा ही बदल दी है। अब वह सुबह स्नान कर रहे हैं। साफ कपड़े पहनकर स्कूल पहुंचने लगे हैं।  जी हां यह उसी गिहारा बस्ती के बच्चे हैं जो कच्ची शराब के धंधे पर बदनाम है। पुलिस ने इस बस्ती के 40 बच्चों को चिन्हित किया जो स्कूल नहीं जाते थे। यह बच्चे परोक्ष-अपरोक्ष तौर पर कच्ची शराब के धंधे से जुड़े थे।

भट्ठी से खोखे तक और गली में दूर खड़े लोगों तक कच्ची शराब की बोतल पहुंचाने और उनसे रुपये लाने में यह लगे थे। बदले में कभी एक तो कभी दो-तीन रुपये मिल जाते। यही उनकी दिनचर्या बन चुकी थी। कच्ची उम्र में जहरीली शराब का धंधा ही वह अपना जीवन न मान लें इस पर गंभीरता से विचार करते हुए पुलिस ने पहल की। 40 बच्चों का सरकारी स्कूल में दाखिला कराया है। पुलिस के इस कदम से गिहारा बस्ती के निवासी खासे प्रसन्न हैं।
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महिलाओं के जज्बे से प्रेरित हुए पुलिसवाले

अखिलेश सरकार ने कराई थी भर्तियां
गिहारा बस्ती की महिलाओं ने पिछले दिनों कोतवाली में एक संकल्प पत्र पुलिस को दिया था। कहा था कि वह सामूहिक रूप से बस्ती में अवैध शराब की मुखालफत करेंगी। बस्ती में न कच्ची शराब बनने दी जाएगी और न बिकने दी जाएगी।

महिलाओं के इस जज्बे ने पुलिस को भी सकात्मक होकर कच्ची शराब के खिलाफ अभियान छेड़ने के लिए प्रेरित किया। इसी कड़ी में बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया गया।

गिहारा बस्ती के बच्चों का सर्वे कराया गया। 40 बच्चे स्कूल नहीं जा रहे थे। वह कच्ची शराब के धंधे में बर्बाद हो रहे थे। इन सभी बच्चों को एकत्र कराया गया। सभी को सरकारी पाठशाला में ले जाकर दाखिला कराया गया। उन्हें कापी-किताब दिलवाई गई हैं। अब यह बच्चे भी अन्य छात्रों की तरह स्कूल में पढ़ेंगे। भविष्य में अच्छे नागरिक बन सकेंगे।
​-  विपिन यादव, कसबा प्रभारी 
 
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