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फरीद की मौत के बाद छावनी बना बागपत, नेताओं ने माहौल बिगड़ने से बचाया

Fri, 29 Apr 2016 04:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत

सार

  • माहौल शांत करने के लिए एक मंच पर आए सभी नेता
  • लोगों ने पुलिस अफसर को भी जमकर सुनाई खरी-खोटी
  • मेरठ और गाजियाबाद की पुलिस भी बागपत में तैनात
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बागपत में तनाव - फोटो : amar ujala bureau
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विस्तार
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बागपत के यमुना रोड पर बुधवार की रात एसओजी के सिपाही की गोली लगने से हुई युवक फरीद की मौत के बाद खुराफातियों ने शहर का माहौल बिगाड़ने के हर संभव प्रयास किया, लेकिन एक मंच पर आए सभी पार्टी के नेताओं ने उनके मनसूबों पर पानी फेर दिया। नेताओं के प्रयास से ही शहर का माहौल बिगड़ने से बचा है।
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फरीद की हत्या के बाद बुधवार की रात में पुलिस और शहर के लोग आमने-सामने आ गए थे। इसका पता चलते ही देर रात बसपा नेता अहमद हमीद और पालिका चेयरमैन राजुद्दीन मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने मृतक के परिजनों समेत अन्य लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। वे पूरी रात लोगों के बीच मौके पर डटे रहे।

दिन निकलते ही बसपा विधायक लोकेश दीक्षित, सिवाल खास के विधायक हाजी गुलाम मोहम्मद के अलावा राज्य मद्य निषेध परिषद के चेयरमैन डॉ. कुलदीप उज्ज्वल, गन्ना एवं बीज विकास निगम के पश्चिमी यूपी के चेयरमैन हाजी तराबुद्दीन भी लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने पीड़ित लोगों को समझाया बुझाया। इस दौरान कई लोगों ने भड़काव बातें कीं, लेकिन नेताओं ने बेहद ही सूझबूझ का परिचय देकर उन्हें शांत कर दिया।
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राज्य मद्य निषेध परिषद के चेयरमैन डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने आम व्यक्ति की तरह पहुंचकर भड़क रहे लोगों को समझाया। मृतक की मां से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। पता चलते ही राज्य पशुधन विभाग के सलाहकार चौधरी साहब सिंह और सपा के जिलाध्यक्ष डॉ. एसपी यादव, कब्रिस्तान में ही फरीद के शव के सुपुर्द-ए-खाक के समय पहुंच गए थे। उन्होंने मृतक के परिवार को सांत्वना दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।

मेरे बेटे की लाश की मत करो दुर्दशा

लोगों ने पुलिस अफसर को भी जमकर सुनाई खरी-खोटी
हंगामे के दौरान कुछ लोगों ने मृतक फरीद के शव को उठाकर राष्ट्र वंदना चौक पर जाम लगने का प्रयास करने की कोशिश की। इस दौरान मृतक की मां और परिजनों ने कहा सरकार के मंत्री और नेता यहां पर मौजूद हैं तो चौराहे पर ही जाम लगाने से क्या होगा। उसने कहा उसके बेटे की लाश की दुर्दशा मत करो।

युवक फरीद की हत्या पर लोगों का गुरुवार को पुलिस पर गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर जमकर हंगामा किया। लोगों ने कहा जनता के रख वाले ही खून से हाथ रंग रहे हैं। इस दौरान लोगों ने पुलिस अफसर को भी जमकर खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने आरोपी पुलिस वालों को बर्खास्त करने की मांग की।

बागपत में पुलिस वालों द्वारा मारपीट और यातनाएं देने की घटना तो आम हैं। अब तो पुलिस ही लोगों की जान की दुश्मन बन गई है। मामूली विवाद पर क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम के दो सिपाहियों ने युवक फरीद की गोली मारकर हत्या कर दी। लोगों ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने उस पर लाठियां बरसा दीं। इसके विरोध में बृहस्पतिवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर हंगामा किया।

उन्होंने कहा पुलिस का काम जनता की सुरक्षा करने का होता है, लेकिन यहां पर तो पुलिस ने लोगों की जान लेना शुरू कर दिया है। बदमाश खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। जो काम बदमाश कर रहे हैं, वही काम पुलिस करने लगी है। ऐसे में बदमाशों और पुलिस में क्या फर्क रह गया है। पुलिसकर्मियों पर अफसरों का कोई नियंत्रण नहीं है।

मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों को भी लोगों ने जमकर खरी-खोटी सुनाई। इस दौरान उन्होंने आरोपी पुलिस वालों की गिरफ्तारी और उन्हें बर्खास्त करने की मांग की। एसपी रवि शंकर छवि और एएसपी अजीजुल हक ने लोगों को आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ अवश्य कार्रवाई होगी। इसके बाद आक्रोशित लोग शांत पड़े।

आरोपी सिपाही समेत चार गिरफ्तार, दोनों कांस्टेबल सस्पेंड

बागपत में तनाव - फोटो : amar ujala bureau
शहर के यमुना रोड पर बुधवार की रात एसओजी के सिपाही की गोली लगने से हुई युवक फरीद की मौत के मामले में दो कांस्टेबल समेत पांच आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। पुलिस ने एक सिपाही समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें दो भाई भी शामिल हैं। फरार आरोपी कांस्टेबल की तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। दोनों आरोपी कांस्टेबल सस्पेंड कर दिए गए है।

बागपत के देवी चौक निवासी रियाज पुत्र फैय्याज ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे उसका बेटा फरीद मोहल्ले में अपने दोस्त नसीम पुत्र हफीजूद्दीन, नसीम पुत्र रहीसूद्दीन और जब्बार पुत्र यूसुफ के साथ खडे़ होकर बातें कर रहा था। तभी वहां पर एक टाटा सूमो में सोनू और मोनू पुत्रगण चमन, हितेश, कांस्टेबल रघुवीर और कांस्टेबल जितेंद्र आए।

गाड़ी से उतरते ही कहने लगे कि यहां पर क्यों खड़े हो? उसके बाद आरोपी गाली गलौच और मारपीट करके शहर के यमुना रोड पर विजय के मकान पर पहुंच गए। यहां पर कांस्टेबल रघुवीर किराए पर रहता है। कुछ समय बाद उसका बेटा फरीद साथियों के साथ अपनी दादी का खाना लेकर ईदगाह मोहल्ले में जा रहा था। ईदगाह के पास स्थित पुलिया के पास पहुंचते ही मकान में शराब पी रहे आरोपियों ने उसके बेटे फरीद को मकान में खींच लिया और गोली मार दी। घायल होकर वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे नाले में डालने का प्रयास किया।

इसी दौरान वहां पर भीड़ एकत्र हो गई। भीड़ को देख आरोपी फरार हो गए। लोगों ने घायल को सीएचसी में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। रास्ते में उसकी मौत हो गई। कोतवाली प्रभारी के मुताबिक इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148बी, 149, 504, 307, 302 में रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसपी रवि शंकर छवि का कहना है कि आरोपी कांस्टेबल जितेंद्र के अलावा दो भाई सोनू, मोनू तथा हितेश को गिरफ्तार कर लिया है। फरार आरोपी कांस्टेबल रघुबीर की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है। आरोपी दोनों कांस्टेबल सस्पेंड कर दिए गए हैं।
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शहर में तनाव पूर्ण शांति, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात

मेरठ और गाजियाबाद की पुलिस भी बागपत में तैनात - फोटो : amar ujala bureau
फरीद की हत्या के मामले में शहर में तनावपूर्ण शांति बनी है। बागपत के अलावा मेरठ और गाजियाबाद की पुलिस फोर्स व्यवस्था संभाले हैं। शहर पूरी तरह से छावनी में तब्दील है।

युवक फरीद की हत्या के बाद ही मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई थी। उन्होंने पुलिस के खिलाफ हंगामा कर शहर के राष्ट्र वंदना चौक पर जाम लगाया तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया था। इस दौरान लोगों की पुलिस से काफी झड़प हुई थी। इससे लोग ओर भड़क गए थे। शहर का माहौल बिगड़ता देखकर पुलिस अफसरों ने रात में ही जनपद के सभी थानों की पुलिस और पीएसी मौके पर पहुंच गई थी।

लोगों का गुस्सा देखकर अफसरों ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया तो मेरठ के जानी, सरूरपुर, सरधना, गाजियाबाद के लोनी और टॉनिका सिटी थाना प्रभारी पुलिस फोर्स के साथ शहर में पहुंचे। उन्होंने किसी तरह व्यवस्था संभाली। पूरे दिन शहर छावनी में तब्दील रहा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पीएसी तैनात रही। एसपी रवि शंकर छवि ने कहा सुरक्षा की दृष्टि से मेरठ और गाजियाबाद की पुलिस बुलाई। अब फिलहाल शहर में पूरी तरह से शांति का माहौल है।

सिर में पीछे से सटाकर मारी गई फरीद को गोली
युवक फरीद को एक गोली सिर में पीछे से सटाकर मारी गई थी। जो सिर के ऊपरी हिस्से से होकर निकली है। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। युवक फरीद की गोली लगने से मौत हो जाने के बाद पुलिस विभाग में चर्चा चल गई थी कि मृतक अपने साथियों के साथ सिपाही के घर पर हमला करने के लिए पहुंचा था। सिपाही ने आत्मरक्षा में हवाई फायर की थी। दीवार में लगने के बाद गोली फरीद के सिर में लग गई थी, लेकिन मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट हो गई।

क्राइम ब्रांच प्रभारी/ सीओ श्वेताभ पांडेय ने बताया पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मृतक फरीद के सिर में दांए कान की ओर से गोली मारी गई है, जो सिर के ऊपरी हिस्से से होकर निकली है। मृतक के सिर में भी चोट के दो निशान मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो उसको सटाकर गोली मारी गई है।
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