अभिनेता प्रकाश राज और कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की गई है। मामले में शिकायतकर्ताओं ने दोनों लोगों पर युवाओं को व्यवस्था के खिलाफ भड़काने और विवादित टिप्पणियां करने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरा मामला...
नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के मुद्दे पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान कथित तौर पर हिंदू देवी-देवताओं के अपमान और भड़काऊ भाषण दिए जाने का आरोप लगाते हुए सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं और हिंदू जनजागृति समिति के प्रतिनिधियों ने संसद मार्ग थाना में शिकायत दी है। प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने और जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में क्या कहा गया?
शिकायत में कहा गया है कि आंदोलन के मंच से कुछ ऐसे वक्तव्य और प्रस्तुतियां दी गईं, जिनसे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हास्य कलाकार कुणाल कामरा ने भगवान राम को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। साथ ही एक महिला द्वारा गाए गए गीत को भी धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला बताया गया है।
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प्रकाश राज पर क्या लगे आरोप?
प्रतिनिधिमंडल ने अभिनेता प्रकाश राज पर भी मंच से कथित रूप से युवाओं को व्यवस्था के खिलाफ भड़काने और विवादित टिप्पणियां करने का आरोप लगाया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कार्यक्रम में प्रतिबंधित संगठन से जुड़े होने का आरोप झेल चुके एक व्यक्ति की मौजूदगी की भी जांच होनी चाहिए।
किसने की शिकायत?
शिकायत देने वालों में अधिवक्ता मकरंद डी. अडकर, अमिता सचदेवा, मयंक द्विवेदी, अतुल शर्मा, पार्थ यादव, यादवेंद्र सक्सेना, केशरी सत्या तथा हिंदू जनजागृति समिति के प्रतिनिधि कार्तिक सालुंखे और श्रीराम लुकतुके शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस से उच्चतम न्यायालय के घृणा फैलाने वाले भाषणों से जुड़े फैसले का हवाला देते हुए स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने तथा पूरे प्रकरण की गहन जांच कराने की अपील की है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस आयुक्त से आंदोलन के वित्तपोषण और अन्य पहलुओं की भी जांच कराने का अनुरोध किया है।