आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 में राज्यसभा के मौजूदा सांसदों के वेतन, भत्तों और सुविधाओं पर कुल 262 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए। इनमें 151 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि भत्तों और यात्रा पर खर्च की गई। 2025-26 में कुल खर्च बढ़कर 163 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 65 करोड़ रुपये अधिक है।
सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी में सामने आया है कि पिछले दो वित्तीय वर्षों 2024-25 और 2025-26 के दौरान राज्यसभा के मौजूदा सांसदों के वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं पर कुल 262 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए। इनमें से 151 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि केवल भत्तों और यात्रा संबंधी खर्च पर खर्च हुई।
RTI के तहत किसने मांगी जानकारी?
आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौर द्वारा मांगी गई जानकारी के जवाब में राज्यसभा सचिवालय ने यह विवरण उपलब्ध कराया है। जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में राज्यसभा सांसदों पर 98 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए थे। वहीं, 2025-26 में यह खर्च बढ़कर 163 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया। यानी एक साल में खर्च में करीब 65 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।
राज्यसभा सांसदों को क्या मिलती हैं सुविधाएं?
आरटीआई के अनुसार, राज्यसभा सांसदों को कुल 21 मदों के तहत वेतन और विभिन्न प्रकार की सुविधाएं दी जाती हैं। इनमें वेतन, भत्ते, देश और विदेश की यात्रा, चिकित्सा सुविधा और कार्यालय खर्च प्रमुख हैं। इसके अलावा सांसदों के लिए प्रिंटिंग एवं प्रकाशन, डिजिटल उपकरण, ईंधन एवं लुब्रिकेंट, पेशेवर सेवाएं, मरम्मत एवं रखरखाव, सब्सिडी तथा अन्य राजस्व व्यय जैसी मदों पर भी खर्च किया जाता है। आरटीआई के आंकड़ों से स्पष्ट है कि 2025-26 में राज्यसभा सांसदों पर होने वाला सरकारी खर्च पिछले वित्त वर्ष की तुलना में काफी बढ़ा है। सबसे अधिक वृद्धि वेतन, भत्तों और यात्रा मद में दर्ज की गई।