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एमपी किसान आंदोलनः ''पुलिस तब तक लाठियों से पीटती रही जब तक हाथ नही टूट गया''

Sun, 11 Jun 2017 07:09 PM IST
बीबीसी
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मध्य प्रदेश में चल रहे किसान आंदोलन में पुलिस की कथित कार्रवाई में 80 साल की एक बुज़र्ग महिला का हाथ टूट गया और उन्हें और जगह भी चोटें आई हैं। भोपाल से लगे फंदा क्षेत्र में किसानों के प्रदर्शन के दौरान ऐसा होने की रिपोर्टों के बाद भोपाल के एसपी अरविंद सक्सेना ने कहा- ''ऐसी शिकायत मिली है और जिसकी जांच करवाई जा रही है।"
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पीड़ित महिला कमलाबाई मेवाड़े बताती हैं कि उनकी ग़लती बस यही थी कि वो उस इलाके में रहती हैं जिस इलाक़े में यह प्रदर्शन चल रहा है।कमलाबाई ने बताया,"मैं घर के अंदर अपने परिवार के साथ बैठी थी उसी वक़्त पुलिस वाले घर पर आये और हमारे साथ मारपीट शुरू कर दी। उनका कहना था कि हमारे घर से पथराव हुआ है और जो दूसरे लोग पथराव कर रहे थे उन्हें हमने अपने घर पर छिपा रखा है।"

कमलाबाई के पति शिवनारायण भी पुलिस की पिटाई के शिकार हुए हैं।मंदसौर में पुलिस की फायरिंग में मारे गये 6 किसानों की मौत के बाद प्रदेश में कई स्थानों पर किसानों ने प्रदर्शन किए हैं।इस दौरान फंदा क्षेत्र में भी किसान हाईवे पर आकर चक्काजाम करने लगे। उसके बाद आदोंलन उग्र हो गया पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया।
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कमलाबाई ने आरोप लगाया कि उनके घर पर भी पुलिस वाले पहुंच गये और उन पर तब तक लाठियों से प्रहार किया गया जब तक उनका हाथ नही टूट गया। कमलाबाई अब चाहती हैं कि पुलिस वालों के ख़िलाफ़ कारवाई की जाए और कहती हैं कि उनके परिवार के पांच सदस्य पुलिस हिरासत में हैं।

किसान आदोंलन के दौरान हुई हिंसा में फंदा क्षेत्र के कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। कमलाबाई बताती है कि उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के उपवास के दौरान भी उनसे मिलने का प्रयास किया ताकि वो जान सकें कि उनका कसूर क्या था। लेकिन पुलिस ने उन्हें मिलने नही दिया।
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मंदसौर में किसानों पर फायरिंग और उसके बाद हुई हिंसा के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के दशहरा मैदान पर उपवास रखा।
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