अरंबाई टेंगोल के लगभग 15-20 सदस्यों ने शनिवार दोपहर को प्रतिबंधित यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (पंबेई) के उग्रवादियों पर हमला कर दिया था। इसमें चार उग्रवादी घायल हो गए थे। जबकि हमलावर फरार थे। पुलिस ने एक अभियान के दौरान हमला करने वाले संगठन के दो सदस्यों को पकड़ा।
मणिपुर के पूर्वी इंफाल जिले में प्रतिबंधित यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (पंबेई) के उग्रवादियों पर हमला करने वाले मैतेई संगठन अरंबाई टेंगोल के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों सदस्यों के पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है।
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शनिवार दोपहर को अरंबाई टेंगोल के लगभग 15-20 सदस्य कोंगपाल चिंगंगबाम लेइकाई में इरेंगबाम नंदकुमार सिंह (56) के रूप में पहचाने गए यूएनएलएफ के एक उग्रवादी के घर में घुस गए थे और इंफाल घाटी स्थित संगठन के उग्रवादियों पर हमला कर दिया था। इस दौरान घर में मौजूद चार यूएनएलएफ (पंबेई) उग्रवादियों को लाठियों से पीटा गया था। दोनों पक्षों की ओर से कई राउंड फायरिंग भी हुई थी। पुलिस ने यूएनएलएफ (पंबेई) उग्रवादियों को हिरासत में ले लिया गया था। जबकि हमलावर मौके से भागने में सफल रहे थे।
रविवार को पुलिस ने एक अभियान के दौरान अरंबाई टेंगोल के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बिष्नुपुर जिले के कुंबी तेराखोंग से तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इनकी पहचान ओइनम अबंग मैतेई, युमलेबम रोमेश सिंह और आरके नेवी मैतेई के तौर पर हुई। उनके पास से एक एलएमजी, दो मैगजीन और 20 गोला-बारूद बरामद हुए।
इसके अलावा अन्य कार्रवाई में यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) के एक सदस्य को इंफाल पश्चिम जिले के निंगोमवम लमखाई से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि उसकी पहचान शगोलशेम प्रबीन सिंह (27) के रूप में हुई है।उन्होंने कहा कि वह परिवहन वाहनों से जबरन वसूली करने में शामिल था।
मणिपुर में मई 2023 से अब तक 250 से अधिक मौतें
गौरतलब है कि मई 2023 से मणिपुर में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए, केंद्र सरकार ने 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य विधानसभा को निलंबित रखा गया है।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के एक प्रतिनिधिमंडल ने किया था मणिपुर का दौरा
शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मणिपुर का दौरा किया था। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले न्यायमूर्ति बीआर गवई ने आशा व्यक्त की कि कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के सहयोग से राज्य का कठिन दौर जल्द ही समाप्त हो जाएगा। यह देश के बाकी हिस्सों की तरह समृद्ध होगा।