वयोवृद्ध कवि और मलयालम विद्वान पुथुस्सेरी रामचंद्रन का शनिवार को यहां उनके आवास पर निधन हो गया। रामचंद्रन के अथक प्रयासों के कारण ही केंद्र सरकार ने वर्ष 2013 में मलयालम भाषा को ‘भारत की शास्त्रीय भाषा’ के रूप में सूचीबद्ध किया था।
परिवार के सूत्रों ने बताया कि 91 वर्षीय रामचंद्रन उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि रामचंद्रन का निधन राज्य की भाषा, संस्कृति और प्रगतिशील सांस्कृतिक प्रवृत्ति का एक बड़ा नुकसान है।