पॉक्सो के तहत गिरफ्तार युवक को छोड़ने का आदेश देते हुए एक विशेष अदालत ने कहा, एक बार ‘आई लव यू’ कहने से लड़की की गरिमा का अपमान नहीं होता, ज्यादा से ज्यादा यह प्रेम की अभिव्यक्ति भर है। इस मामले में विशेष जज कल्पना पाटिल ने बुधवार को एक विस्तृत आदेश देते हुए यह टिप्पणी की।
एक 17 वर्षीय लड़की के परिवार की तरफ से 2016 में दर्ज शिकायत के मुताबिक आरोपी ने लड़की से कहा था कि वह उससे प्रेम करता है। शिकायत में अरोप लगाया गया है, आरोपी (23) ने लड़की को घूरा, भद्दा इशारा किया और लड़की की मां को धमकी दी।
शिकायत के आधार पर वड़ाला टीटी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों के संरक्षण का अधिनियम (पॉक्सो) के तहत मामला दर्ज किया था। हालांकि अदालत ने पर्याप्त सबूतों के अभाव में युवक को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
अदालत के मुताबिक, घटना वाले दिन आरोपी ने पीड़िता को ‘आई लव यू’ कहा इसके बाद आरोपी ने कभी पीड़िता का पीछा नहीं किया और न ही बार-बार ‘आई लव यू’ कहा। अदालत ने आगे कहा, एकाध बार ‘आई लव यू’ कहने से पीड़िता की गरिमा आहत नहीं होती।