पंजाब नेशनल बैंक ने कहा है कि
नीरव मोदी के 114 अरब रुपये के घोटाले के बारे में पता चलने के चार दिन बाद उसने आरबीआई और सीबीआई को इसकी जानकारी दी, जबकि स्टॉक एक्सचेंज एवं सेबी जैसी नियामक संस्थाओं को इसकी सूचना 10 दिन बाद दी। स्टॉक एक्सचेंजों ने जब इस धोखाधड़ी के बारे में स्पष्टीकरण की मांग की तो बैंक ने देर रात फाइल रिपोर्ट में बताया कि कैसे नीरव और उसकी कंपनियों ने फर्जी बैंक गारंटी का इस्तेमाल कर भारतीय बैंकों की विदेशी शाखाओं से 114 अरब रुपये को लोन हासिल कर लिए।
पीएनबी को इस घोटाले के बारे में 25 जनवरी को पता चला। इसके चार दिन बाद 29 जनवरी को उसने आरबीआई को इसकी जानकारी दी। उसी दिन सीबीआई को एफआईर दर्ज करने की शिकायत दी गई। जबकि स्टॉक एक्सचेंजों को इसके बारे में 5 फरवरी को बताया गया। बैंक की ओर से इसके बाद 7 फरवरी को आरबीआई को एक और फ्रॉड रिपोर्ट सौंपी गई।
उसी दिन सीबीआई में एक और शिकायत दर्ज करवाई गई। इसके आधार पर सीबीआई ने 13 फरवरी को एक एफआईआर दर्ज की जिसमें नीरव मोदी, गीतांजलि ग्रुप और चंद्री पेपर एंड एलायड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया। प्रवर्तन निदेशालय को भी शिकायत दर्ज करवाई गई और स्टॉक एक्सचेंजों को इसके बारे में एक दिन बाद बताया गया।