प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव ने सशक्त समूहों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। इसमें आपूर्ति श्रृंखला, आवश्यक चीजों की उपलब्धता के लिए लॉजिस्टिक प्रबंधन के साथ प्रभावित समुदाय के फायदे के लिए उठाए गए कदम शामिल हैं। इसके अलावा फसलों की कटाई के दौरान किसानों द्वारा सामाजिक दूरी का पालन किया जाएं, इस बात का भी ध्यान रखे जाने की बात कही गई।
सशक्त समूहों के अधिकारियों की बैठक शुक्रवार को हुई जिसमें कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने में सामने रही चुनौतियों से कैसे निपटा जाए, पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता पीएम मोदी के प्रधान सचिव ने की।
बैठक में महामारी के लिए अपनाए गए जांच की प्रक्रिया व प्रोटोकॉल की समीक्षा की गई और इस पर संतुष्टि जताई गई। इस प्रक्रिया के तहत 10 अप्रैल 2020 तक देश में 1,45,916 नमूनों की जांच की गई है। बैठक में यह जानकारी दी गई कि सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को प्रवासियों और बेघर लोगों के लिए आश्रय की व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इस बैठक में प्रधानमंत्री कार्यालय व भारत सरकार के अन्य मंत्रालयों के तमाम वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बताया गया कि कोरोना को लेकर राज्य व जिला स्तर पर निगरानी भी की जा रही है। लगातार केंद्र इस निगरानी प्रक्रिया के संपर्क में है। पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) के उत्पादन में तेजी लाई जा रही है।
बैठक में पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत आर्थिक राहत पैकेज के माध्यम से कल्याणकारी उपायों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रधान सचिव के अनुसार जरूरतमंदों तक मदद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डाटा जुटाना अधिक महत्वपूर्ण रहा।
देश भर में समय पर सूचना प्रसार सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा की गई और क्षेत्रीय भाषाओं में संचार के माध्यम से लोगों तक जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया गया। यह भी तय किया गया कि आरोग्य सेतु ऐप में यूजर्स के जुड़ाव को बढ़ाने की आवश्यकता है।