चुनावी सभा में लोगों के बैंक खातों में 15 लाख रुपये पहुंचाने के प्रधानमंत्री के वादे की सूचना
आरटीआई के दायरे में नहीं आती है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने केंद्रीय सूचना आयोग को बताया है कि चूंकि यह सूचना इस कानून के दायरे में नहीं आती, इसलिए इसका जवाब नहीं दिया जा सकता।
आरटीआई कार्यकर्ता मोहन कुमार शर्मा ने नवंबर, 2016 में आरटीआई दायर कर नोटबंदी के अलावा जानकारी मांगी थी कि प्रधानमंत्री के वादे के मुताबिक सभी के खातों में 15-15 लाख रुपये कब आएंगे। सुनवाई के दौरान शर्मा ने मुख्य सूचना आयुक्त आर के माथुर को बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय और आरबीआई से पूरी जानकारी नहीं मिली।
पहली एजेंसी पीएमओ ने कहा कि उसने आवेदनकर्ता द्वारा मांगी गई जानकारी दे दी है। इसमें कहा गया है कि आरटीआई आवेदन आरटीआई कानून की धारा 2 (एफ) के तहत सूचना की परिभाषा में नहीं आता। माथुर ने माना की पीएमओ और आरबीआई के जवाब संतोषजनक हैं।