कोरोना वायरस से निपटने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने अपने सभी केंद्रीय मंत्रियों को कोरोना को रोकने के लिए उठाए गए कदमों की दैनिक रिपोर्ट देने को कहा है।
पीएमओ ने केंद्रीय मंत्रियों को मरीजों को अलग रखने की सुविधा, स्वास्थ्य देखरेख सुविधाओं के साथ-साथ आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता समेत लॉकडाउन के प्रभाव से निपटने के लिए किए गए उपायों पर एक दैनिक रिपोर्ट सौंपने को कहा है। केंद्रीय मंत्रियों को जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों के हर रोज संपर्क में रहने को कहा गया है। साथ ही केंद्रीय मंत्रियों को एक—एक राज्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कोरोना वायरस से अभी तक देश में 700 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। सूत्रों ने बताया कि दो प्रमुख पहलू हैं जिन पर इन मंत्रियों को अपनी रिपोर्ट देनी है। पहला पहलू वायरस के प्रसार को रोकने के लिए उठाए गए कदम और दूसरा कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर लगाए गए लॉकडाउन के प्रभाव से निपटने के लिए क्या कार्रवाई की गई।
इस संबंध में केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'हमने पीएमओ से पत्र मिलने के तुरंत बाद काम करना शुरू कर दिया है।' इन मंत्रियों को केंद्र और राज्यों के बीच एक संपर्क माध्यम के रूप में काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
किस मंत्री के पास कौन सा राज्य :
- उत्तर प्रदेश : राजनाथ सिंह, महेन्द्रनाथ पाण्डेय और कृष्णलाल सिंह
- महाराष्ट्र: नितिन गडकरी और प्रकाश जावड़ेकर
- बिहार: रामविलास पासवान और रविशंकर प्रसाद
- झारखंड : मुख्तार अब्बास नकवी
- ओडिशा : धर्मेन्द्र प्रधान
- राजस्थान और पंजाब : गजेन्द्र सिंह शेखावत