4300 करोड़ रुपये के पीएमसी बैंक घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने वसई से विधायक हितेंद्र ठाकुर के वीवा समूह के प्रबंध निदेशक मेहुल ठाकुर और निदेशक गोपाल चतुर्वेदी को गिरफ्तार किया है।
ईडी ने इससे पहले शुक्रवार को पालघर जिले के वसई और विरार में समूह के पांच ठिकानों पर छापा मारा था। इसके अलावा मुंबई के कुछ ठिकानों को भी खंगाला था। ईडी ने 73 लाख रुपये की नकदी, कुछ डिजिटल दस्तावेज बरामद किये थे।
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार दोनों अधिकारियों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें चार दिन की ईडी की हिरासत में भेज दिया गया। ईडी इस मामले में आरोपी कंपनी एचडीआईएल और कुछ अन्य लोगों के जरिये वीवा समूह के खातों में फंड स्थानांतरण की जांच कर रही है और कंपनी के ठिकानों पर छापा मार कर साक्ष्य जुटाए गए।
ठाकुर की पार्टी ने महा विकास आघाड़ी सरकार को अपने तीन विधायकों के समर्थन का वादा किया था। इसमें नालासोपारा विधानसभा सीट से उनके विधायक पुत्र क्षितिज ठाकुर और विधायक राजेश पाटिल शामिल हैं। ईडी ने इससे पहले इस मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत से भी पूछताछ की थी।
ईडी ने हिसार की कंपनी व निदेशकों के खिलाफ दाखिल किया आरोपपत्र
प्रवर्तन निदेशालय ने पोंजी फर्जीवाड़े से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हरियाणा की एक कंपनी व उसके निदेशकों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। ईडी के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि कंपनी पर 31 लाख निवेशकों से धोखाधड़ी करने का आरोप है।
ईडी ने हिसार के फ्यूचर मेकर लाइफकेयर प्राइवेट लिमिटेड और उसके दो निदेशक राधेश्याम और बंशी लाल को पीएमएलए कानून के तहत आरोपी बनाया है। ईडी ने 261.35 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की है।