बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) के प्रमोटर राकेश वधावन और सारंग वधावन के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी मांगी है। इन दोनों को पीएमसी बैंक घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने यह भी पूछा कि दोनों को ऑर्थर रोड जेल की किस बैरक में रखा गया है।
न्यायाधीश भारती डांगड़े मंगलवार को राकेश और सारंग वधावन की ओर से जमानत के लिए दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थीं। वधावन बंधुओं ने जमानत के लिए स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है। याचिकाकर्ताओं ने यह दावा भी किया है कि कोविड-19 महामारी के प्रसार को देखते हुए जेल में उचित व्यवस्थाओं का इंतजाम नहीं है।
जस्टिस भारती ने महाराष्ट्र सरकार से यह सवाल भी किया कि कैदियों के बीच कोरोना वायरस संक्रमण न फैले इसके लिए अभी तक क्या इंतजाम किए गए हैं। अदालत ने पंजाब और महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक (पीएमसी) घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी राकेश और सारंग वधावन की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की अगली तारीख 12 जून तय की है।
पीएमसी बैंक घोटाला पिछले साल सितंबर में सामने आया था जब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पाया था कि पीएमसी बैंक ने लगभग दिवालिया हो चुकी एचडीआईएल के विस्तारित किए गए कर्ज के 4,355 करोड़ रुपये छिपाने के लिए कथित तौर पर काल्पनिक खाते बनाए थे। पिछले 10 सालों से एचडीआईएल को पैसे दिलाने के लिए बैंक ने कई डमी खाते खोले थे।
पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व एमडी जॉय थॉमस ने गलत तरीके से एचडीआईएल की मदद की थी। बैंक ने कुल कर्ज का 73 फीसदी यानी 6,226 करोड़ रुपये एचडीआईएल को दिए थे।