उत्तरप्रदेश की सपा सरकार के कार्यकाल को निशाने पर लेते हुए मायावती ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख के आरक्षण पर दिए पलटवार किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार आरक्षण खत्म करना चाहती है। अगर ऐसा हुआ तो प्रदेश की जनता आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में सबक सिखाएगी।
मायावती बोलीं, मोदी सरकार ने ढाई साल के कार्यकाल में गरीबों, दलितों, पिछड़ों और किसान विरोधी नीतियों को अपनाने का काम किया है। केंद्र सरकार आरक्षण खत्म करने पर आमादा है। इससे प्रदेश की 22 करोड़ जनता में गुस्सा है। यही वजह है कि भाजपा यूपी में अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार का एलान नहीं कर पा रही। जनता उन्हें सबक सिखाएगी।