कांग्रेस ने गुरुवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह मोरबी पुल ढहने की घटना की 'ढीली जांच प्रक्रिया 'के लिए गुजरात सरकार से जवाब मांगें।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक ट्विटर पोस्ट में कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा, पुल की जंग लगी केबल की मरम्मत नहीं की गई थी। पुल 26 अक्तूबर को फिटनेस प्रमाण पत्र और आधिकारिक सहमति के बिना खोला गया था। ठेकेदार नौकरी के योग्य नहीं था। नगर पालिका प्रमुख को पता था कि पुल, त्रासदी से एक दिन पहले खुला था।
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, 130 से ज्यादा मौतें और ठेकेदार व नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई? क्या यह लापरवाही एक्ट ऑफ गॉड है।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री को इस ढीली जांच प्रक्रिया को लेकर अपनी सरकार की खिंचाई करनी चाहिए। रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे पुल ढह गया था, जिसमें 135 लोगों की जान चली गई।
पुल हादसे को लेकर ओवैसी ने भी गुजरात सरकार पर साधा निशाना
मोरबी में हुए पुल हादसे को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, मोरबी में जो कुछ भी हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। ओवैसी ने कहा, यह गुजरात में भाजपा के कुशासन का उदाहरण है।
ओवैसी ने कहा, गुजरात में भाजपा के कुशासन के चलते कोविड के दौरान कई लोगों की मौत हो गई। महंगाई, कारोबार प्रभावित हुआ है। हम कोशिश कर रहे हैं कि अल्पसंख्यकों, दलितों और आदिवासियों की आवाज और नेतृत्व हो। हम गुजरात चुनाव में इन मुद्दों को उठाएंगे।