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PM Security Breach: पंजाब में पीएम की सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस में दो फाड़, इन बड़े नेताओं के बयानों पर गौर कीजिए  

Thu, 06 Jan 2022 05:09 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पंजाब में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक के मुद्दे पर कांग्रेस में ही एकराय नहीं है। पार्टी दो धड़ों में बंटी नजर आ रही है और यह साफ नजर आता है उनके बयानों से। 
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Congress leaders on PM security breach - फोटो : PTI
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विस्तार
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पंजाब के फिरोजपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर कांग्रेस में दो फाड़ नजर आ रहा है। एक तरफ पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला सहित कुछ नेताओं ने इस मु्द्दे पर पीएम मोदी को ही घेरने की कोशिश करते हुए इसे भाजपा का ड्रामा बताया। वहीं, कांग्रेस के एक धड़े ने पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक को गंभीर मामला करार देते हुए कार्रवाई और जांच की मांग की है। 

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मनीष तिवारी बोले, हाईकोर्ट के जज करें जांच
पंजाब से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने साफ तौर पर इसे चूक करार दिया। तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा एक सक्रिय संसद द्वारा शासित होती है। प्रधानमंत्री और उनके परिवार को कैसे सुरक्षित किया जाना है, इस बारे में एक बहुत अच्छी निर्धारित प्रक्रिया है। सुरक्षा में कोई चूक हुई है तो उसकी जांच हाईकोर्ट के मौजूदा जज से कराई जाए। 

पंजाब कांग्रेस में भी मतभेद
वहीं, पीएम की सुरक्षा में चूक मामले में पंजाब कांग्रेस में भी मतभेद साफ दिखा। फिरोजपुर शहर से कांग्रेस विधायक परमिंदर सिंह पिंकी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के साथ ऐसी घटना शर्मनाक है। कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पंजाब के डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय की है, लापरवाही के चलते देश के प्रधानमंत्री के साथ ऐसी घटना हुई है। डीजीपी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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पिंकी ने कहा कि बठिंडा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत की जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री मनप्रीत सिंह बादल की थी और फिरोजपुर में प्रधानमंत्री के स्वागत की जिम्मेदारी उनकी और स्वास्थ्य मंत्री ओपी सोनी की थी। पिंकी ने कहा कि पुलिस मुलाजिम बारिश में अपनी ड्यूटी ठीक से कर रहे थे। जब पता था कि जिस रूट से प्रधानमंत्री आ रहे हैं, वहां पर प्रदर्शनकारी बैठे हैं तो डीजीपी की जिम्मेदारी बनती है कि उनका रूट बदला जाए। नियम के मुताबिक डीजीपी को खुद फिरोजपुर में होना चाहिए था, पर ऐसा हुआ नहीं। प्रधानमंत्री के साथ जो घटना हुई है इसकी जिम्मेदारी डीजीपी की है न की पंजाब सरकार की।

जाखड़ ने कहा था-ये स्वीकार्य नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा चूक पर पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी नाखुशी जताई थी। उन्होंने कहा था कि जो हुआ वह स्वीकार्य नहीं है। यह पंजाब के खिलाफ है। फिरोजपुर में भाजपा की राजनीतिक रैली को संबोधित करने के लिए प्रधानमंत्री के लिए एक सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया जाना चाहिए था।  

जबकि पंजाब के मंत्री राजकुमार वेरका ने कहा था कि पीएम के पंजाब दौरे के दौरान सुरक्षा इंतजामों में कोई कमी नहीं आई। सुरक्षा भंग के आरोप निराधार हैं। सच तो यह है कि भाजपा की रैली फ्लॉप शो रही। जब पीएम को यह पता चला तो उन्होंने लौटने का फैसला किया।



यूथ कांग्रेस अध्यक्ष का मोदी पर निशाना 
उधर, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास ने ट्वीट कर पीएम मोदी को निशाने पर लिया था। उन्होंने ट्वीट किया था, मोदीजी हाउज द जोश। बाद में यूथ कांग्रेस ने भी ट्वीट किया और सुरक्षा में चूक को 'कर्मों का फल' बताया। यूथ कांग्रेस ने लिखा- जब आपने किसानों को दिल्ली बॉर्डर में घुसने से रोका तो उन्होंने आपको रैली करने से रोक दिया। बीवी श्रीनिवास ने एक और ट्वीट किया कि 'मोदी जी घर वापसी की असली वजह ये है, बाकी दिल बहलाने के लिए ख्याल अच्छा है...! न दूल्हा आया, न बाराती आये और न शहनाई बज पाई।

इन तमाम बयानों से साफ नजर आ रहा है कि पीएम सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस में ही एकराय नहीं है। पार्टी दो धड़ों में बंटी नजर आ रही है। पंजाब के सीएम जहां इसे चूक का मामला नहीं मान रहे हैं, वहीं फिरोजपुर से विधायक ने इसे चूक का बड़ा मामला बता दिया। उधर, राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी इसे भाजपा का ड्रामा करार देते हुए कहा था कि उसे बेकार का शोर नहीं मचाना चाहिए। 
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