शुक्रवार को देश कई समाचार पत्रों के मुख्य प्रष्ठ पर जियो का विज्ञापन था। इस विज्ञापन में नरेंद्र मोदी की तस्वीर का प्रयोग किया गया। इस मसले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया। शुक्रवार को सदन में इस बारे में सरकार से प्रश्न किया गया कि क्या जियो के विज्ञापन में मोदी की तस्वीर छापने के लिए सरकार से अनुमति मांगी गई थी?
सदन में सरकार की तरफ से इसका जवाब भी आया। कहा गया कि सरकार को जियो के विज्ञापन में पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर के इस्तेमाल की जानकारी थी, लेकिन सरकार ने इसकी इजाजत नहीं दी थी। गुरुवार को सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने यह बात सदन में स्पष्ट की। दरअसल, समाजवादी पार्टी के सांसद नीरज शेखर ने सरकार से पूछा था कि जियो के विज्ञापनों में पीएम मोदी की तस्वीर सरकार की अनुमति से छापी गई थी, अगर नहीं, तो क्या कंपनी पर कार्रवाई होगी?
सपा सांसद के सवाल के जवाब में राठौर ने लिखित जवाब में स्वीकार किया कि सरकार से इजाजत लिए बिना पीएम मोदी की तस्वीर जियो के तमाम विज्ञापनों में छापी गई थी। उन्होंने कहा ''हां सरकार को पता था कि जियो के विज्ञापनों में पीएम की तस्वीर छापी गई।''
लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रधानमंत्री कार्यालय से इस बात की लिखित अनुमति रिलांयस की तरफ से नहीं ली गई थी।
राठौर ने सदन में बताया सरकार की नीतियो और कार्यक्रमों के लिए मंत्रालय की मीडिया शाखा डीएवीपी काम करती है। यह शाखा केवल सरकारी विज्ञापनों के लिए काम करती है, न कि निजी विज्ञापनों के लिए।