बता दें कि 5 अगस्त, 2019 के बाद प्रधानमंत्री के साथ जम्मू-कश्मीर के सभी राजनीतिक दलों के साथ होने वाली पहली बैठक होगी, जब केंद्र ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था। पूर्ववर्ती राज्य में नवम्बर 2018 से केंद्र का शासन है।
बैठक में शामिल नहीं होंगी महबूबा
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने संकेत दिए हैं कि वह पीएम मोदी द्वारा आहूत सर्वदलीय बैठक से किनारा कर सकती हैं। नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला बैठक में शामिल होंगे।
अधिकारियों ने कहा कि केंद्र केंद्र शासित प्रदेश में जल्द से जल्द विधानसभा चुनाव कराने का इच्छुक है, जो या तो दिसंबर में या अगले साल मार्च में होने की संभावना है, जब न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) आर देसाई की अध्यक्षता वाला परिसीमन आयोग अगले कुछ महीने में निर्वाचन क्षेत्रों को फिर से निर्धारित करने का अपना काम पूरा कर लेगा। आयोग को इस साल मार्च में एक साल का विस्तार दिया गया था।