बोडो समझौते से नॉर्थ ईस्ट में होगा विकास
बोडो समझौते को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने एक तरफ नॉर्थ ईस्ट के विकास के लिए अभूतपूर्व योजनाओं की शुरुआत की और दूसरी तरफ बहुत ही खुले मन और खुले दिल के साथ सभी हितधारकों के साथ बातचीत शुरू की। बोडो समझौता आज इसी का परिणाम है।
सेना कार्रवाई करना चाहती थी पहले की सरकारें आदेश नहीं देती थी
उन्होंने पुरानी सरकार पर जवानों को बुलेट प्रूफ जैकेट न देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज युवा सोच है, युवा मन के साथ देश आगे बढ़ रहा है, वो सर्जिकल स्ट्राइक करता है, एयर स्ट्राइक करता है और आतंक के सरपरस्तों को उनके घर में जाकर सबक सिखाता है। हमारी सेना कार्रवाई करना चाहती थी लेकिन सरकारें उनको आदेश नहीं देती थी। वायुसेना को तीन दशक से कोई नया विमान नहीं मिला। हमने नेशनल वॉर मेमोरियल बनाया। सालों से सीडीएस की मांग हो रही थी। आज दिल्ली में नेशनल वॉर मेमोरियल भी है और नेशनल पुलिस मेमोरियल भी।
सीएए पर कुछ पार्टियों को वोट बैंक की चिंता
सीएए को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ पार्टियों को अपने वोट बैंक की चिंता है। कुछ लोग दलितों की आवाज बनने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अल्पसंख्यकों पर जुल्म नहीं दिखता है। पाकिस्तान ने विज्ञापन में हिंदुओं का अपमान किया। नागरिकता कानून पर वोटबैंक की राजनीति हो रही है।
समस्याओं का करना चाहते हैं समाधान
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम समस्याओं का समाधान चाहते हैं। उन्हें लटकाए रखना नहीं चाहते। जीएसटी हो, गरीबों को आरक्षण का फैसला हो, दुष्कर्म के जघन्य अपराधों में फांसी का कानून, हमारी सरकार इसी युवा सोच के साथ लोगों की बरसों पुरानी मांगों को पूरा करने का काम कर रही है। वर्ष 2022, इतना बड़ा अवसर है, ये दशक इतना बड़ा अवसर है। इसकी सबसे बड़ी ताकत हमारी युवा ऊर्जा है। इसी ऊर्जा ने हमेशा देश संभाला है और यही ऊर्जा इस दशक को भी संभालेगी। आइए, कर्तव्य पथ पर बढ़ चलें।