प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को वैश्विक जलवायु शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इसकी जानकारी केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शुक्रवार को दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 दिसंबर को ऐतिहासिक पेरिस जलवायु समझौते की पांचवीं वर्षगांठ पर वैश्विक जलवायु शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शुक्रवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्षों से होती आ रहीं गतिविधियों का नतीजा है और भारत इसके लिए कतई जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कुल एतिहासिक उत्सर्जन का इतिहास महज तीन फीसदी है।
पेरिस समझौते के पांच वर्ष होने की पूर्व संध्या पर उन्होंने कहा, इस वक्त भारत का उत्सर्जन महज छह फीसदी है और देश ने राष्ट्रीय स्तर के दृढ़ संकल्प योगदान के सभी लक्ष्यों को करीब करीब हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा, जलवायु परिवर्तन रातों रात हुआ बदलाव नहीं है बल्कि इसका अस्तित्व सौ वर्षों से भी पुराना है।
अतीत को देखें तो दुनिया भर के कुल उत्सर्जन का 25 फीसदी अकेले अमेरिका में होता रहा है। वहीं यूरोप में 22 और चीन के हिस्से में 13 फीसदी उत्सर्जन है। वहीं भारत का उत्सर्जन में योगदान महज 3 फीसदी है। इसलिए हम जलवायु परिवर्तन के लिए किसी सूरत में जिम्मेदार नहीं हैं।