प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पंचायत दिवस के मौके पर देशभर के पंयाचत प्रतिनिधियों से बातचीत की। जिसमें उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस ने हमारे सामने मुसीबतें खड़ी की हैं लेकिन हमें आत्मनिर्भर बनने का सबक भी दिया है। गांवों की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गांव ने दुनिया को दो गज की दूरी वाला संदेश दिया है। संबोधन के दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम लिए बिना कहा कि पहले एक रुपये में से 15 पैसे गांव में पहुंचा करते थे लेकिन अब पूरे 100 पैसे पहुंच रहे हैं।
कोरोना ने हमें सिखाया सबक
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी ने हमारे लिए अलग-अलग तरह की मुसीबतें खड़ी की हैं लेकिन हमें एक नई शिक्षा भी दी है। कोरोना संकट ने अपना सबसे बड़ा संदेश, सबक दिया है हमें सिखाया है और एक प्रकार से हमें उस रास्ते पर चलने के लिए हमारा दिशा-निर्देश किया है। कोरोना संकट से अपने अनुभवों से हमने पाया है कि अब हमें आत्मनिर्भर बनना ही पड़ेगा। बिना आत्मनिर्भर बने ऐसे संकटों को झेल पाना मुश्किल हो जाएगा। राज्य, जिला, ग्राम अपने स्तर पर आत्मनिर्भर बनें। पूरे देश को आत्मनिर्भर बनान होगा। अब ये बहुत आवश्यक हो गया है।
गांवों ने दुनिया को सिखाया दो गज दूरी का मंत्र
इस कोरोना संकट ने दिखा दिया है कि देश के गांवों में रहने वाले लोग, इस दौरान उन्होंने अपने संस्कारों-अपनी परंपराओं की शिक्षा के दर्शन कराए हैं। गांवों से जो अपडेट आ रहा है, वो बड़े-बड़े विद्वानों के लिए भी प्रेरणा देने वाला है। आप सभी ने दुनिया को मंत्र दिया है- ‘दो गज दूरी’ का, या कहें ‘दो गज देह की दूरी’ का। इस मंत्र के पालन पर गांवों में बहुत ध्यान दिया जा रहा है। ये आपके ही प्रयास है कि आज दुनिया में चर्चा हो रही है कि कोरोना को भारत ने किस तरह जवाब दिया है।