प्रधानमंत्री ने कहा, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता हमारे समाज के हर कण में अंतर्निहित है और हम इसे अपने चारों ओर महसूस कर सकते हैं। देश में ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो जीवन भर इसमें बिताते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मासिक रेडियो प्रसारण मन की बात में कहा कि पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता भारतीय समाज में निहित है। पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली और प्रकृति संरक्षण के प्रति हमारी जवाबदेही जरुरी है।
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मन की बात के 94वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने कहा, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता हमारे समाज के हर कण में अंतर्निहित है और हम इसे अपने चारों ओर महसूस कर सकते हैं। देश में ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो जीवन भर पर्यावरण की सुरक्षा में बिताते हैं। प्रधानमंत्री ने त्रिपुरा के बायो विलेज का उल्लेख किया जो इस बात पर जोर देता है कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कैसे कम किया जाए और विभिन्न उपायों के माध्यम से लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया जाए।
उन्होंने कहा, आपने बायो-विलेज के बारे में सुना होगा, लेकिन त्रिपुरा के कुछ गांव बायो-विलेज 2 के स्तर तक पहुंच गए हैं। सौर ऊर्जा, बायोगैस, मधुमक्खी पालन और बायोफर्टिलाइजर्स पर पूरा फोकस है। कुल मिलाकर बायो-विलेज 2 जलवायु परिवर्तन के खिलाफ अभियान को काफी ताकत देने वाला है। उन्होंने कहा कि लोग पर्यावरण के अनुकूल रहने और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों के बारे में पहले से अधिक जागरूकता देखी जा रही है।