प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को गुजरात के साबरमती आश्रम में गोरक्षकों को कड़ा संदेश देते हुए गाय पर एक मार्मिक घटना को बयां किया है। पीएम ने अपनी बचपन में घटी एक घटना का जिक्र करते हुए कई बार भावुक हो गए। उन्होंने घटना की जिक्र करते हुए बताया कि गांव में एक गाय थी, जिसे पूरे गांव के लोग रोटी और अनाज खिलाते थे। वो प्रतिदिन गांव के हर व्यक्ति के दरवाजे पर दस्तक देती थी और लोग उसे खाना खिलाते थे।
पीएम ने बताया कि एक परिवार में कई दशक से संतान नहीं था। बहुत दिन बाद उस परिवार में एक संतान हुआ। परिवार खुश था, लेकिन एक दिन उस परिवार के साथ ऐसी घटना घटी, जिसे उनके अरमानों पर पानी फिर गया। हुआ यूं कि गाय एक दिन गली में भागने लगी और अचानक वो बच्चा गाय के पैरों के तले दब गया और उसकी मौत हो गई।
परिवार और गांव के लोग शोक में थे, लेकिन उससे बड़ी बात ये कि गाय के आंखों में भी आंसू टपक रहे थे। गांव के लोग और वो परिवार हर दिन की तरह गाय को खाना खिलाने की कोशिश की, लेकिन वो गाय रोटी खाने को तैयार नहीं हुई। दिन-प्रतिदिन गाय की तबियत बिगड़ती गई, लेकिन उसने रोटी या अनाज को नहीं खाया और एक दिन उसकी मौत हो गई।
पीएम जब ये घटना का जिक्र कर रहे थे, उस दौरान कई बार भावुक नजर आए।