प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ लोग भारत को विश्व स्तर पर बदनाम करने की कोशिशों में जुटे हैं। देश के खिलाफ साजिश रचने वाले इस स्तर पर पहुंच चुके हैं कि देश की चाय को भी नहीं छोड़ रहे हैं। विदेशी ताकतें योजनाबद्ध तरीके से चाय के साथ जुड़ी भारत की पहचान पर हमला करने की फिराक में हैं।
असम के धेकियाजुली में पीएम ने कहा, देश इनके नापाक मंसूबे कामयाब नहीं होने देगा
मैं असम की धरती से इन षड्यंत्रकारियों से कहना चाहता हूं कि ये जितना मर्जी षड्यंत्र रच लें, देश इनके नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगा। भारत की चाय पर किए जा रहे हमलों में इतनी ताकत नहीं है कि वो हमारे चाय बागान में काम करने वाले लोगों के परिश्रम का मुकाबला कर सकें।
‘असम माला’ परियोजना का उद्घाटन किया, दो मेडिकल कॉलेजों की आधारशिला रखी
पीएम ने रविवार को असम के धेकियाजुली में ‘असम माला’ प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया और दो मेडिकल कॉलेजों की आधारशिला रखी। इस मौके पर पीएम ने कहा, मैं हमेशा ही चाय बागानों के श्रमिकों की स्थिति को असम के विकास से जोड़ता हूं, लेकिन कुछ दस्तावेज मिले हैं जो बताते हैं कि देश के बाहर भारत की चाय को बदनाम करने की कोशिशें हो रही है। असम में कोई चाय बागान श्रमिक इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता और वह इन साजिशों का मुंहतोड़ जवाब देंगे।
‘असम माला’ से पैदा होंगे नए अवसर
पीएम ने कहा, ‘भारत माला प्रोजेक्ट’ की तर्ज पर ‘असम माला’ की शुरुआत की गई है। अगले 15 सालों में असम में चौड़े हाईवे का जाल होगा। असम माला प्रोजेक्ट लोगों के सपनों को पूरा करेगा। 8210 करोड़ रुपये असम माला परियोजना के तहत ग्रामीण सड़कों और हाईवे को जोड़ा जाएगा।
पीएम ने कहा कि हम सब हमेशा से सुनते आए हैं, देखते आये हैं कि देश की पहली सुबह पूर्वोत्तर से होती है। लेकिन सच्चाई है कि पूर्वोत्तर और असम में विकास की इस सुबह को लंबा इंतजार करना पड़ा है। हिंसा, अभाव, भेदभाव, तनाव, पक्षपात, संघर्ष को पीछे छोड़ पूर्वोत्तर विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और असम इसमें अहम भूमिका निभा रहा है।
मातृभाषा में पढ़ाना शुरू करें मेडिकल कॉलेज
पीएम ने कहा, मेरा सपना है कि हर राज्य में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज मातृभाषा में पढ़ाना शुरू करे। जब असम में नई सरकार बनेगी मैं असम के लोगों की तरफ से वादा करता हूं कि असम में हम एक मेडिकल कॉलेज स्थानीय भाषा में शुरू करेंगे। गुवाहाटी में आज एम्स का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब राज्य के बिस्वनाथ और चराईदेव जिले में दो मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है।