केवल एक लोकसभा और विधानसभा सीट भाजपा के पास
सहजानंद ने बताया कि आजमगढ़ की 10 विधानसभा सीटों में से केवल एक सीट भाजपा के अरुणकांत यादव के पास है, जो रमाकांत यादव के पुत्र हैं। सहजानंद ने बताया कि भाजपा बाकी सीटें केवल 6-7 हजार वोटों के अंतर से हारी, जबकि बसपा को 5 और सपा को 4 सीटें मिलीं। भाजपा आजमगढ़ से मोदी की रैली करके ओबीसी और दलितों को लुभाकर विपक्ष पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालना चाहती है। सूत्र बताते है कि मुलायम 2019 का लोकसभा चुनाव मैनपुरी से लड़ सकते हैं।
आजमगढ़ में अगड़ों का कब्जा
सूत्रों ने बताया कि आजमगढ़, मऊ और बलिया में अगड़ों की संख्या मात्र 10 फीसदी है, जबकि 90 फीसदी आबादी पिछड़े वर्ग से आती है, जिनमें चौहान और राजभर बहुलता में हैं। लेकिन वहां कब्जा अगड़ी जातियों का है। जिले से दो एमएलसी विजय बहादुर पाठक और यशवंत सिंह राजपूत हैं। साथ ही पार्टी के जिलाध्यक्ष भी राजपूत है। पिछले 15-20 सालों से वहां जिला स्तर पर भी वहां अगड़ी जातियों का कब्जा है। सूत्र बताते हैं कि सपा-बसपा गठबंधन से निपटने और काउंटर रणनीति बनाने के लिए आज़मगढ़ सही जगह है।
वहीं, प्रधानमंत्री की रैली भीड़ को वोट में बदलने में कितनी सक्षम होगी, अभी यह देखा जाना बाकी है। सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री में लोगों का भरोसा बढ़ा है, उन्हें विश्वास है कि प्रधानमंत्री जिले के साथ न्याय करेंगे और पिछड़ी जातियों को प्राथमिकता देंगे।