प्रभावी वित्तीय संचालन के लिए भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ लड़ाई को जरूरी बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने जी-20 के नेताओं से अपील की कि वे आर्थिक अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह खत्म करने की कार्रवाई करें। उन्होंने अत्यधिक बैंकिंग गोपनीयता खत्म करने के लिए भी सदस्य देशों का आह्वान किया। पीएम ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ पहल करने के लिए ‘पूर्ण प्रतिबद्धता’ और आर्थिक अपराधियों के लिए ‘सुरक्षित पनाहगाह’ खत्म करना सबसे ज्यादा जरूरी है।
उन्होंने कहा कि ‘इसके लिए हमें ऐसे आर्थिक अपराधियों की सुरक्षित पनाहगाह खत्म करने, काले धन को सफेद बनाने वालों की तलाश और उनका बिना शर्त प्रत्यर्पण करने, जटिल अंतरराष्ट्रीय नियमों का जाल तोड़ने और अत्यधिक बैंकिंग गोपनीयता को खत्म करने की जरूरत है, जो भ्रष्टाचार पर पर्दा डालते हैं।’
पीएम ने ग्लोबल वित्तीय स्थिरता और वित्तीय संसाधनों के विकास की मजबूती पर जोर दिया। कहा कि आईएमएफ, क्षेत्रीय वित्तीय व्यवस्थाएं और द्विपक्षीय विनिमय व्यवस्थाओं के बीच नियमित बातचीत जरूरी है। पीएम ने आईएमएफ में 15वें जनरल कोटा रिव्यू में हो रही देरी का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि आईएमएफ को कोटा आधारित संस्था के तौर पर ही काम करना चाहिए न कि उधार के संसाधनों पर निर्भर रहना चाहिए।